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फिर लगनी शुरु हुई आफत की पैंठ सडक पर। पुलिस प्रशासन ने तो ध्यान दिया ही नहीं। विरोध करने वाले भी नदारद दिखाई दिए।

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मवाना।
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साप्ताहिक पैठ विरोध के चलते बीते कई रविवार को सड़क पर नहीं लग सकी थी। नया ठेका छूटते ही विरोध के स्वर गायब हो गए तथा पुन: साप्ताहिक पैठ तहसील मार्ग पर लगनी शुरू हो गई है। अब न तो पुलिस-प्रशासन और न ही सड़क पर लगने का विरोध करने वाले संगठन के कार्यकर्ता कहीं नजर नहीं आए। जिसके चलते तहसील मार्ग पर पैठ लगी।
उल्लेखनीय है कि नगर पालिका की साप्ताहिक पैठ का ठेका केवल जूनियर हाईस्कूल के मैदान के लिए छोड़ा जाता है। राजनीतिक दबाव और ठेकेदार दंबगई से साप्ताहिक पैठ को नियम कानून को ठेंगा दिखाते हुए तहसील मार्ग पर बीते एक दशक से लगाता आ रहा है। जिससे रविवार के दिन तहसील मार्ग से वाहन का गुजरना तो दूर पैदल तक गुजरना दूभर हो जाता है। इसी मार्ग पर सीएचसी भी है।
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कई बार सड़क पर लगने वाली साप्ताहिक पैठ का विरोध लोगों द्वारा किया जाता रहा है। मार्च के शुरुआत में एक संगठन सड़क पर लगने वाली पैठ के विरोध में उतरा तो पैठ स्वत: ही जूनियर हाईस्कूल मैदान तक सिमट गई थी। जिससे आम लोगों ने राहत की सांस ली थी। अब ठेका बदलते ही पैठ फिर से सड़क पर लगने लगी है। आज रविवार को पैठ की दुकानें तहसील मार्ग पर लगीं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने ओर ध्यान नहीं दिया। न ही उक्त संगठन का कोई कार्यकर्ता विरोध करता नजर आया। जिससे एक बार फिर लगा कि शायद राजनीतिक संरक्षण के चलते फिर से पैठ सड़क पर लगने लगी है।
कोट
पैठ का ठेका पालिका ने केवल जूनियर हाईस्कूल के मैदान के लिए छोड़ा है। यदि पैठ सड़क पर लगी है तो ठेकेदार को नोटिस दिया जाएगा। -अय्यूब कालिया, चेयरमैन नगर पालिका
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बीते रविवार उन्होंने इसका विरोध किया था। अब वे इस संबंध में मंडलायुक्त से मिलकर इसकी शिकायत करेंगे। सड़क पर पैठ लगने से रुकवाए जाने का आग्रह करेंगे।-पंकज नागर, नगर उत्थान संघर्ष समिति
मुख्य बातें
ठेका छूटते ही गायब हो गए विरोध के सुर
स्थानीय लोगों को आवाजाही के दौरान उठानी पड़ी परेशानी
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