मोहल्ला काबली गेट निवासी एक व्यक्ति ने सीएचसी पर तैनात महिला चिकित्सक द्वारा उसकी पत्नी की डिलिवरी नहीं कराने की एसडीएम से समाधान दिवस में शिकायत की। उसने कहा कि उसे मजबूरीवश निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उसने वहां हुए खर्च को दिलाने की मांग की।
मोहल्ला काबली गेट निवासी विनोद कुमार पुत्र बलजीत सिंह ने एसडीएम को दिए पत्र में बताया कि वह पत्नी को प्रसव पीड़ा के चलते बीती 15 अप्रैल की सुबह चार बजे सीएचसी लेकर पहुंचा। वहां नर्स चार से छह घंटे का समय बताकर चली गई। इस दौरान उसकी पत्नी दर्द से तड़पती रही। वहीं, महिला चिकित्सक करीब 11 बजे अस्पताल पहुंची और उसकी पत्नी को देखे बिना चली गई। महिला चिकित्सक ने बार-बार आग्रह करने के बाद भी उसकी पत्नी का हाल जानने की जरूरत नहीं समझी। इस पर एएनएम ने कहा कि वह अपनी पत्नी कहीं और ले जाए। उनके बस की बात नहीं है। महिला चिकित्सक ने बिना बताए उसकी पत्नी को मेडिकल के लिए रेफर करके कागज उसके हाथ में थमा दिया। वहीं, उसकी पत्नी दर्द से तड़पते हुए बेहोश हो गई। जिस पर वह आनन-फानन में उसे निजी अस्पताल ले गया। वहां आपरेशन के बाद उसकी पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया। हालांकि सीएचसी की महिला चिकित्सक भी सर्जन है तथा वह भी आपरेशन कर सकती थी। इसके बावजूद उन्होंने ध्यान नहीं दिया। पीड़ित विनोद ने बताया कि वह मजदूरी करके परिवार को पालन-पोषण करता है। उसने कर्ज लेकर पत्नी का आपरेशन कराया। सीएचसी की महिला चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई करके उसके निजी अस्पताल में खर्च हुए रुपये दिलाने की मांग की है।
मुख्य बातें
सीएचसी चिकित्सक की एसडीएम से की शिकायत
निजी अस्पताल में हुआ खर्च दिलाने का आग्रह किया