फलावदा। कस्बे के मंदवाड़ी मार्ग स्थित रजवाहे की पटरी टूटने से करीब 50 बीघा गेहूं व ईंख की फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने पटरी टूटने के बाद पानी को बंद करने की मांग सिंचाई विभाग से की। किसानों का आरोप है कि सूचना के 24 घंटे बाद अधिकारियों ने पानी को बंद किया। जिससे किसानों में रोष है।
कस्बे के मंदवाड़ी मार्ग स्थित रजवाहे की पटरी टूटने से रजवाहे का पानी किसानों के खेतों में भर गया। खेत में पानी भरने से किसान आनंद, सलीम आदि लोगों के पक्के गेहूं की फसल, भिंडीं व बोए गए ताजे गन्ने की फसल नष्ट हो गई। पानी खेतों में भरने की सूचना पर किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को रजवाहे की पटरी टूटने की सूचना दी। किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण 24 घंटे तक खेतों में पानी भरता रहा लेकिन पीड़ित किसानों को कोई राहत नहीं मिली। दूसरी ओर पूर्व चेयरमैन सैयद अलीमुद्दीन के आम के बाग में भी रजवाहे का पानी भर गया। वर्तमान में आम के बाग को पानी देना नुकसान दायक है। 24 घंटे बीत जाने के बाद राजवाहे का पानी अधिकारियों द्वारा रूकवाया गया। अधिकारियों की लापरवाही उजागर होते देख किसानों में रोष है। किसानों की करीब 50 बीघा फसल नष्ट होने से लाखों रुपये का नुकसान हो गया।