नगर पालिका के तत्कालीन ईओ निलाव शाल्य पर तौहसिन ने अभिलेख में प्लॉट नाम अंकित कराने के लिए पांच हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है। तौहसिन ने इस मामले में विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष न्यायालय संख्या एक मेरठ में वाद योजित किया। जिस पर न्यायालय ने 28 मार्च को थाना पुलिस को तत्कालीन ईओ के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर विवेचना के आदेश जारी किए हैं। पुलिस ने रविवार को तत्कालीन ईओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
कस्बा निवासी तौहसिन ने बताया कि उसने एक प्लॉट का रजिस्टर्ड बैनाम 25 सितंबर 1988 को किया। जिसका नाम पालिका के अभिलेख में दर्ज कराने के लिए चार अप्रैल 2011 को रसीद कटवाई। हालांकि पालिका ईओ ने नाम परिर्वतन नहीं किया। उससे नाम चढ़वाने के लिए तत्कालीन पालिका ईओ निलाव शाल्य ने पांच हजार रुपये की मांग की। इस मामले में कोतवाली एवं एसडीएम के यहां 4 मार्च 2016 को एक पत्र दिया था। हालांकि उस पर भी कार्रवाई नहीं हो सकी। इस मामले में तौहसिन बनाम निलाव शाल्य आदि वाद योजित किया। जिसमें कोर्ट ने कोतवाली पुलिस को तत्कालीन पालिका ईओ निलाव शाल्य के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर विवेचना के आदेश दिये हैं। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान 28 मार्च 2018 को पुलिस को आदेश जारी किया। जिस पर रविवार को पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर लिया है।
मुख्य बातें
भूखंड पालिका अभिलेख में दर्ज कराने के लिए पांच हजार रुपये मांगने का मामला