मेरठ।
सड़क दुघर्टना में बुधवार को हुई बच्ची की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। बृहस्पतिवार को बच्ची के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद गुस्साए लोगों ने मोर्चरी के बाहर शव रखकर गढ़ रोड पर जाम लगा दिया। बाद में परिजन शव को लेकर एसएसपी ऑफिस जाने लगे। पुलिस ने किसी तरह उन्हें रोका।
भावनपुर थाना के जयभीमनगर के भोपाल विहार निवासी उमेश कुमार की बेटी आरती (7) की बुधवार को खेलते समय ट्रैक्टर के लोडर की चपेट में आने से मौत हो गई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने साठगांठ कर आरोपी चालक की गिरफ्तारी नहीं की। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने बच्ची के शव को गढ़ रोड पर रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर मेडिकल पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर शांत कराया। बाद में परिजन बच्ची के शव लेकर एसएसपी ऑफिस चल दिए।
एसओ मेडिकल सतीश कुमार, एसओ भावनपुर आशुतोष कुमार मौके पर पहुंचे और मेडिकल कॉलेज के गेट के पास उन्हें रोक लिया। इस पर महिलाएं पुलिस पर भड़क गई। एक महिला ने सिपाही से हाथापाई कर दी। परिजनों ने दोबारा से शव को मेडिकल कॉलेज के गेट पर रख दिया और जाम लगाकर नारेबाजी कर दी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस आरोपी चालक को बचाने में लगी है। लोगों ने एसओ भावनपुर के खिलाफ भी नारेबाजी कर दी। पुलिस ने जबरन शव छीनने की कोशिश की तो एक महिला ने कहा कि वह एसएसपी ऑफिस पर आत्मदाह कर लेगी। बाद में सीओ सिविल लाइन श्रीराम अर्ज भी मौके पर पहुंचे और किसी तरह परिजनों को शांत किया।
पांच लाख लो, मामले को रफादफा करो
बच्ची के पिता उमेश और अन्य परिजनों ने सीओ से शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग उनके घर पर पहुंचे और मामले को रफा दफा करने के लिए पांच लाख रुपये देने की बात कही। परिजनों का आरोप है कि लोडर मालिक, चालक और अन्य लोग पुलिस से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। मामले में भावनपुर थाने में तहरीर दी गई है।