कस्बा समेत आसपास के गांवों में पशुओं में गंभीर बीमारी फैल रही है। जिसमें एक सप्ताह में करीब आधा दर्जनभर पशुओं की मौत हो चुकी है। वहीं, दर्जनभर से अधिक मवेशी गंभीर हालत में हैं। पशुपालक खरखौदा राजकीय पशु चिकित्सालय पर चक्कर काट रहे हैं। वहीं, पशु चिकित्सक मोबाइल बंद कर अस्पताल से नदारद हैं। इससे नाराज पशुपालक जिले के आला अधिकारियों से शिकायत करने की चेतावनी दे रहे हैं।
कस्बा खरखौदा समेत आसपास के गांव कैली, पांची, बिजौली, कौल, खासपुर में पशुओं में गंभीर बीमारी फैल रही है। जिसमें पशु पहले चारा खाना छोड़ रहा है। मुंह से लार जा रही है। दुधारू पशुओं के मुंह एवं खुरों में जख्म बन रहे हैं। इस बीमारी को पशु चिकित्सक मुंहपका खुरपका बता रहे हैं। जिसमें एक बार पशु चारा खाना छोड़ने के बाद उसकी मौत हो जाती है। जिसमें खरखौदा कस्बे में मुकेश त्यागी के चार पशु इस बीमारी की चपेट में आये। जिनमें एक मवेशी की मौत हो चुकी है। किसान पवन पुत्र ब्रजभूषण का भी एक पशु इस बीमारी की चपेट में है। मदन पुत्र वासुदेव, सचिन, महेंद्र सिंह के एक-एक पशुओं की बीमारी के चलते मौत हो गई। वहीं, आसपास के गांवों में भी इस बीमारी में पैर पसार लिये हैं। खरखौदा निवासी पशुपालकों का कहना है कि खरखौदा के राजकीय पशु अस्पताल में पशुओं में हो रही बीमारी की कई बार शिकायत की जा चुकी है। पिछले एक सप्ताह से पशु चिकित्सक अस्पताल में नहीं मिल रहे हैं। इसके चलते निजी पशु चिकित्सक पशुपालकों को लूट रहे हैं। इसके चलते पशुपालकों में रोष है। इस बारे में पशुपालकों ने एडीशनल डायरेक्टर पशुपालन एसके श्रीवास्तव से भी शिकायत कर चुके हैं।
पशु चिकित्सक की पहले भी हो चुकी है शिकायत
करीब दो माह पहले खरखौदा पशु अस्पताल में तैनात चिकित्सक के खिलाफ पशुपालकों ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी। उन्होंने पशु चिकित्सक पर अस्पताल में शराब पीने का आरोप लगाया था। इसमें तुरंत ही जिला मुख्यालय से पहुंची प्रशासन की टीम ने खरखौदा पशु चिकित्सक का मेडिकल परीक्षण कराया था। हालांकि इसमें शराब पीना साबित नहीं हुआ था।