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मिल बंदी के विरोध को लेकर चेयरमैन को ज्ञापन सौंपा

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सरूरपुर।
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प्रशासन द्वारा किनौनी चीनी मिल के बंदी का दिए नोटिस के बाद क्षेत्र के किसानों में विरोध होने लगा है। किसानों ने बुधवार को मलियाना गन्ना समिति के चेयरमैन के आवास पर पहुंचकर घेराव किया। जिस पर चेयरमैन ने किसानों को आश्वस्त किया कि किसी भी कीमत पर मिल बंद नहीं होने दिया जाएगा।
गांव किनौनी के प्रधान अमित एवं जिटौला निवासी उमेश गुर्जर ने किनौनी चीनी मिल द्वारा निकाले जाने वाले पानी को प्रदूषित करार देते हुए इसकी शिकायत प्रदूषण नियंत्रण विभाग से की थी। इसके बाद टीम तीन बार मिल में आई और नमूने ले गई। वहीं, प्रशासन ने मिल पर शिकंजा कसते हुए बंदी का नोटिस जारी कर दिया। इससे किसानों में हड़कंप मच गया।
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क्षेत्र के कुछ किसान बुधवार को गन्ना समिति मलियाना के चेयरमैन सतेंद्र सिंह के आवास पर पहुंचे। आरोप लगाया कि कुछ लोग निजी स्वार्थ के लिए मिल की फर्जी शिकायतें करके आए दिन दबाव बना रहे हैं। यदि मिल बंद हो गया तो क्षेत्र का किसान बर्बाद हो जाएगा। इतना ही नहीं भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएगा। बिजेन्द्र प्रमुख ने कहा कि इस लड़ाई को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर लड़ा जाए। यह किसान हित की लड़ाई है। इसमें हर जाति एवं वर्ग के लोगों को साथ लेकर के लड़ना होगा। उसके बाद किसानों को शांत किया गया और बैठक आयोजित की गई। जिसमें वक्ताओं ने कहा कि किसानों का मिल पर जो बकाया है वह तत्काल दिलाया जाए। इसके अतिरिक्त किसानों को समय पर पर्चियां नहीं मिलने पर किसान परेशान हैं। इन सभी मुद्दों को लेकर के होली के बाद एक क्षेत्र के किसानों की पंचायत बुलाने का निर्णय किया। बैठक की अध्यक्षता गन्ना डायरेक्टर जगत सिंह ने की तथा संचालन ओमकार मलिक ने किया। यहां गन्ना समिति के उपसभापति नजाकत अली उर्फ गोटी, वीरेंद्र सिंह, अशोक ग्रेवाल, गजेंद्र सिंह, पोला मलिक, सुबोध मलिक, कृष्णपाल प्रधान, यतेंद्र सिंह, विनोद, वीरसैन, नीरज कुमार, अभिषेक चौधरी, राजेंद्र सिंह, संजय, वरुण, युद्धवीर सिंह आदि मौजूद थे।
मुख्य बातें
प्रदूषण नियंत्रण विभाग से किनौनी चीनी मिल को बंदी का नोटिस मिलने पर उबले गन्ना किसान
चीनी मिल प्रबंधन पर निजी हित के चलते दबाव बनाने का आरोप
किसानों ने होली के बाद पंचायत बुलाने का किया निर्णय
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