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हर विभाग पर बिजली की मोटी धनराशि बकाया। कार्रवाई केवल आम उपभोक्ता पर।

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मवाना।
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विद्युत निगम के तहसील, थाना, स्कूल कॉलेज आदि बकाएदार हैं। सबसे बड़े बकाएदारों में नगर पालिका भी है। हालांकि कार्रवाई केवल चंद रुपये बकाए वाले आम बिजली उपभोक्ता पर की जा रही है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता महेश चंद्र का कहना है कि नगर पालिका को शीघ्र नोटिस जारी किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि विद्युत निगम द्वारा इस समय बकाया वसूली के लिए अभियान चलाया जा रहा है। बकाया जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ निगम द्वारा कनेक्शन विच्छेद किए जा रहे हैं। नगर पालिका मवाना समेत कई सरकारी विभाग हैं जिन पर मोटी धनराशि बिजली के बिल की बकाया है। हालांकि विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। नगर पालिका की स्ट्रीट लाइटों का एक करोड़ 98 लाख 90 हजार 7 सौ 44 रुपये, वाटर पंप तहसील का 19 लाख 15 हजार 5 सौ 91, सरस्वती शिशु मंदिर के पास पंप का 7 लाख 73 हजार 9 सौ 34 समेत और सभी पंपों का लाखों में, प्राइमरी हेल्थ सेंटर के 2 लाख 50 हजार 2 सौ 41 रुपये, महिला चिकित्सालय पर 1 लाख 73 हजार 6 सौ 82, कोतवाली पर 33 हजार 46 रुपये, एसडीएम कार्यालय पर 97 हजार 4 सौ 67, तहसीलदार कार्यालय पर 36 हजार 6 सौ 40 रुपये, जिलेदार आईएसटी आफिस ट्यूबवेल डिविजन तिहाई पर एक लाख 9 सौ 80 रुपये आदि अधिकतर सभी सरकारी विभागों पर बकाया है। इन विभागों से वसूली के लिए अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता महेश चंद्र ने बताया कि नगर पंचायत परीक्षितगढ़ पर भी बकाया था। जिसको नोटिस दिया था तथा कनेक्शन विच्छेद कर दिया था। नगर पंचायत ने डीएम से वार्ता की। जिलाधिकारी के कहने पर कनेक्शन जोड़ा गया। उनका कहना है कि नगर पालिका पर सबसे अधिक बकाया है। शीघ्र ही नगर पालिका को नोटिस जारी किया जाएगा। भुगतान नहीं होने पर कनेक्शन विच्छेद किया जाएगा। वहीं और विभागों पर भी बिल जमा नहीं होने की स्थिति में कार्रवाई की जाएगी।
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इस बाबत चेयरमैन अयूब कालिया का कहना है कि इस संबंध में गत दिवस नगर पालिका ईओ तथा उन्होंने एसडीओ से बात की थी। जिसमें उनसे बिल ठीक करने के लिए कहा गया है। पहले दो सौ वाट के बल्ब लगते थे परंतु अब 35 वाट की एलईडी आदि लगी हैं। इसके बावजूद विद्युत निगम पुराने हिसाब से बिल जारी कर रहा है। इसलिए उनसे बिल दुरुस्त करने के लिए कहा गया है।
मुख्य बातें
पालिकाध्यक्ष ने विद्युत निगम अफसरों पर लगाया अनाप-शनाप बिल भेजने का आरोप
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