गांव अजराड़ा में पिछले दो वर्ष से निरस्त चल रही सरकारी सस्ते गल्ले की दो दुकानों के लिए पंचायतघर पर ग्रामीणों को खुली पंचायत बुलाकर चुनाव प्रक्रिया कराई। यहां एक पक्ष ने धांधली का आरोप लगाया है। जिसमें एक पक्ष ने बृहस्पतिवार को एसडीएम सदर से जांच की मांग करते हुए दुकान का आवंटन निरस्त कराने की मांग की है।
मुंडाली थाना क्षेत्र के गांव अजराड़ा में करीब 25 हजार की आबादी है। जिसमें सरकारी सस्ते गल्ले की दो दुकानें थीं, लेकिन धांधली के चलते दोनों दुकानें करीब दो वर्ष पहले निरस्त हो गयी थीं। पिछले दो वर्षों से दोनों दुकानों के कार्ड धारक दूसरे गांवों की दुकान से जुडे़ हुए हैं। इस परेशानी के लिए ग्रामीणों से कई बार जिलाधिकारी से गांव में ही दोनों दुकानों का आवंटन कराने की मांग की थी। जिसमें 21 फरवरी को पर्यवेक्षक के रूप में पहुंचे ग्राम एडीओ कृषि मान सिंह, एडीओ नरेंद्र सिंह, ग्राम पंचायत अधिकारी रामेश्वर दयाल एवं तहसीलदार दिनेश शर्मा ने खुली पंचायत में चुनाव कराकर दुकानों के आवंटन का प्रस्ताव रखा। जहां चुनाव के दौरान गांव अजराड़ा निवासी राजदा पत्नी ताहिर, भूरी पत्नी साबू, सलमा पत्नी इस्लामुद्दीन, फरुखी पत्नी हासिम, रुहाना पत्नी तसलीम, कौशर पत्नी शाहिद एवं ब्रह्मवती पत्नी देवेंद्र सहित सभी ने दुकान के लिए नामांकन किया था। मतदान से पहले 25 हजार की आबादी में से केवल 1300 लोग ही मौके पर पहुंच सके। जिसमें पंचायतघर खुली पंचायत में अपने-अपने प्रत्याशी के पक्ष में समर्थन किया। इस दौरान ब्रह्मवती पक्ष ने मतदान के दौरान चुनाव अधिकारी द्वारा गांव में दुकानों के आवंटन से पहले मुनादी एवं प्रचार नहीं कराने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। आरोप है कि पुलिस को मौके पर बुलाकर जबरन चुनाव कराकर दुकान का आवंटन कर दिया गया। इस पक्ष ने आरोप लगाया कि दुकान के आवंटन से पहले गांव की कुल आबादी का करीब पांचवा हिस्सा जरूर होना चाहिए। ब्रह्मवती पक्ष ने बृहस्पतिवार को इस मामले में एसडीएम सदर के यहां आवंटन में कई खामियां बताते हुए आवंटित र्हुइं दुकानों को निरस्त करने तथा दोबारा से निष्पक्ष तरीके आवंटन कराने की मांग की है।
मुख्य बातें
एसडीएम सदर से दोबारा आवंटन प्रक्रिया शुरू कराए जाने की मांग की