अमर उजाला ब्यूरो
मवाना।
हस्तिनापुर रोड स्थित बेरियो वाले श्मशान घाट में परिजन के स्थान पर दूसरे की अस्थि इकट्ठी करने तथा वहां रखे फल और जलती धूपबत्ती देख लोगों ने तांत्रिक क्रिया करने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। जिस पर आरोपी टेंपो छोड़कर फरार हो गए। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने टेंपो कब्जे में ले लिया तथा अस्थियों के बोरे बंद कर चौकीदार के कमरे में रखवा दिया। एसएसआई का कहना है कि गलती से उक्त अस्थियां भर ली थीं। दोनों पक्षों में समझौता हो गया है।
नांलदा कॉलोनी निवासी मनोज की माताजी पुन्नी देवी का बृहस्पतिवार को निधन हो गया था। परिजनों उसी दिन हस्तिनापुर रोड बेरियो वाले श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया था। वहीं, मुबारिकपुर रोड निवासी बलवा का बुधवार को निधन हो गया था। उसका अंतिम संस्कार भी इसी श्मशान घाट में किया था। आज बलवा के परिजन श्मशान घाट पहुंचे। उन्होंने पुन्नी देवी की अस्थियों को बोरे में भर लिया तथा वहां फल आदि रखकर धूपबत्ती जलाई।
वहीं, श्मशान के चौकीदार बिरजू वाल्मीकि का कहना है कि उसने बलवा के परिजनों को बताया था कि उक्त अस्थियां बलवा की नहीं हैं, लेकिन वे नहीं माने। जिस पर उसने पुन्नी देवी के पुत्र मनोज को सूचना दी। इस पर मनोज काफी संख्या में लोगों के साथ वहां पहुंचा तथा तांत्रिक प्रक्रिया के शक में हंगामा कर दिया। जिस पर बलवा के परिजन टेपों छोड़कर फरार हो गए। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने टेंपो को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुला लिया। एसएसआई भरतलाल शाह ने बताया कि बलवा के परिजनों का कहना है कि गलती से उन्होंने उक्त अस्थियां भर ली थीं। वे बलवा की अस्थियां लेने गए थे। उन्होंने तांत्रिक प्रक्रिया करने से इनकार किया है। एसएसआई ने बताया कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया है।
मुख्य बातें
पुलिस ने अस्थियां बोरे में भरकर चौकीदार के कमरे में रखवायीं
पुलिस ने किया तांत्रिक क्रिया किए जाने से इनकार