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मां की मौत के बाद मितन ने बेबाकी से दर्ज कराए बयान

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मेरठ। मां सावित्री की चिता की आग ठंडी नहीं हुई थी कि उसके दोनों बेटे मितन और रवि बुआ बाला के साथ अपने भाई चेतन की हत्या के मामले में बयान देने के लिए बृहस्पतिवार सुबह स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट पीयूष शर्मा की कोर्ट में पेश हुए। जहां पर हत्यारोपी प्रकाश के अधिवक्ता विजय बहादुर द्वारा गत दिवस दिए गए बयानों से आगे जिरह शुरू की गई। चश्मदीद गवाह मितन ने बेबाकी से बयान पूरे कराए। अन्य गवाहों के बयान अब 16 फरवरी को होंगे।
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सरूरपुर थाना क्षेत्र के हसनपुर रजापुर गांव में 13 जुलाई 2016 को हुए चेतन हत्याकांड में चेतन की मां सावित्री और भाई मितन चश्मदीद गवाह रहे। छह और सात फरवरी को दोनों की गवाही तय थी। लेकिन तीन फरवरी को ही आरोपियों ने सावित्री पर गोलियां बरसा दी थीं। तीन दिन बाद बुधवार सुबह सावित्री ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। लेकिन मितन ने बुधवार को कोर्ट पहुंचकर बयान दर्ज कराए थे। हालांकि उसके बयान पूरे दर्ज न होने पर बृहस्पतिवार की तारीख लगी थी।
कोर्ट में हत्यारोपी पहचाने
मितन को सुबह करीब 10:30 कड़ी सुरक्षा में कचहरी लाया गया। जिसके बाद कोर्ट में जिरह शुरू हुई। मितन ने अपने पूर्व में दिए बयानों पर कायम रहते हुए बेबाकी से जवाब दिए। उसने बताया कि भाई की हत्या करने वाले काली बाइक पर थे। जिसमें सुजीत, सुमित व संजय एक साथ बाइक पर आए थे तथा अशोक व प्रकाश ईख के खेत से बाहर आए थे। इन्होंने ही चेतन की हत्या की थी। सिर पर घास की गठिया होने के कारण मैं बाइक का नंबर देख नही पाया था। मैं इंटर पास हूं। मैं जो बयान दे रहा हूं, वह अपनी आंखों से देखे हुए दृश्य के आधार पर दे रहा हूं। किसी वकील के कहने या सलाह पर नही दे रहा हूं। इस प्रकार मध्याह्न 3:30 बजे तक जिरह चली। जिसके बाद सुमित जाट के वकील को जिरह के लिये पुकारा गया। लेकिन जिरह पूरी न करने पर अदालत ने जिरह का अवसर समाप्त कर दिया।
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मां को याद कर भावुक हुआ
बयानों के समय कई बार मितन भाई और मां को याद कर भावुक हो गया। बताया गया कि तीन दिन से वह ठीक से सोया नहीं था। मां की मौत का गम उसके चेहरे से साफ झलक रहा था। बीच-बीच में वह कोर्ट से बाहर जाकर पानी पीकर अपना हौसला बढ़ाकर दोबारा आरोपी प्रकाश के अधिवक्ता द्वारा पूछे गए सवालों को जवाब देता रहा। कई बार वह भावुक होकर कोर्ट में बैठ भी गया। जहां उसके भाई रवि व बुआ बाला द्वारा समझाया गया कि यह कठिन समय है। इसमें हौसले से काम चलेगा। बयान खत्म होने के समय अचानक मितन को चक्कर आ गया। काफी देर तक वह कोर्ट में बैठा रहा।
मौत के मिली सुरक्षा
बेटे चेतन की हत्या में चश्मदीद गवाह सावित्री की मौत के बाद अब जाकर परिवार को सुरक्षा मिली है। सावित्री के बेटे मितन और रवि को चार गनर जबकि ग्राम प्रधान बिल्लू की पत्नी को दो गनर एसएसपी ने दिए हैं।
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चेतन हत्याकांड
- कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में दर्ज हुए बयान, 16 फरवरी को होंगे दूसरे गवाहों के बयान
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