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बेबाकी से बोला मितन, मैं इन्हें पहचानता हूं

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मेरठ। सोहरका डबल मर्डर के बाद चर्चित हुए चेतन हत्याकांड में चश्मदीद गवाह चेतन के भाई मितन ने बुधवार को स्पेशल जज (एससी/एसटी एक्ट) पीयूष शर्मा की कोर्ट में हत्यारोपियों के खिलाफ बेबाकी से गवाही दी।
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मितन ने बयानों में कहा कि कोर्ट में उसके भाई चेतन के हत्यारोपी सुमित व प्रकाश हैं। मैं उन्हें पहचानता हूं। बोला कि 13 जुलाई 2016 की शाम करीब 6:15 बजे वह अपनी मां सावित्री और भाई चेतन उर्फ भूरा के साथ चारा लेकर घर लौट रहा था। तभी पुरानी रंजिश को लेकर रजापुर गांव के सुजीत, सुमित, संजय, अशोक और प्रकाश ने एक राय होकर चेतन को घेरकर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। मैंने व मेरी मां सावित्री ने चेतन को बचाने का प्रयास किया तो आरोपियों ने हमको भी मारने की धमकी दी। जिसके चलते हम डर गए थे। हत्या के बाद गांव में पांचों आरोपियों की गांव में दहशत है, इसलिए उनके खिलाफ कोई भी गवाही देने के लिये तैयार नही हुआ।
कड़ी सुरक्षा में लाया गया कोर्ट
इससे पहले चश्मदीद गवाह मितन को पुलिस की कड़ी सुरक्षा में सुबह करीब 10:30 बजे कोर्ट में लाया गया। इसके करीब 30 मिनट बाद मुख्य हत्यारोपी सुमित जाट व प्रकाश को कोर्ट में लाया गया। अभियोजन अधिकारी ने मितन के बयान स्पेशल जज (एससी/एसटी एक्ट) पीयूष शर्मा की कोर्ट में दर्ज कराए।
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दिन भर चला जिरह, बयान का दौर
आरोपी प्रकाश के अधिवक्ता ने देर शाम तक मितन से जिरह की, जोकि पूरी नहीं हुई। अगली तारीख बृहस्पतिवार की नियत की गई। इसी मामले में दूसरे आरोपी सुजीत, अशोक, संजय समेत चार आरोपियों की पत्रावली मंगलवार को अलग कर दी थी तथा उसके वारंट भी कर दिए गए। मितन पूरे समय कोर्ट में खड़ा बयान देता रहा। वहीं, पुलिस अदालत के बाहर मौजूद रही। बयान पूरे होने पर सीओ सरधना संतोष कुमार अपनी सुरक्षा में मितन को अदालत से ले गए।
पुलिस ने मां की मौत को छिपाया
गवाह मितन डरा हुआ था। लेकिन बयान देने के लिए डटा रहा। अभियुक्तों के वकीलों के हर सवाल का जवाब मितन ने बेबाक तरीके से दिया। चेतन हत्याकांड में ही चेतन की मां सावित्री भी चश्मदीद गवाह थी। जिस पर पिछले दिनों गोलियां बरसा दी गई थीं। बुधवार को ही सावित्री की मौत हो गई थी। लेकिन पुलिस ने गवाही के दौरान मितन से उसकी मां की मौत की जानकारी को छुपाए रखा। देर शाम बयान देने के बाद पहले हत्यारोपी सुमित जाट को जेल भेजा गया। फिर उसके काफी देर बाद मितन को ले जाया गया। मितन को मां की मौत का गांव में जाकर पता लगा।
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खास बातें:
- चेतन हत्याकांड में चश्मदीद गवाह है चेतन का भाई मितन
- कोर्ट में मौजूद हत्यारोपी सुमित और प्रकाश को पहचाना
- बिना डरे बोला कि मेरे भाई को पांचों आरोपियों ने मारी थी गोली
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