फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मौसम बदलाव की मार ने लोगो मे उत्पन्न की त्वचां संबंधी रोग।

विज्ञापन
विज्ञापन
मौसम में बदलाव से पड़ रहा सेहत पर प्रभाव
विज्ञापन

सर्द मौसम में बढ़ रहे सर्दी, खांसी, बुखार और त्वचा संबंधी रोग
अमर उजाला ब्यूरो
माछरा।
मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का सीधा असर सेहत पर पड़ रहा है। वहीं सर्दी से त्वचा संबंधी अनेक परेशानियों सामने आ रही हैं। जुकाम, खांसी, वायरल, के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। सर्दी में त्वचा रूखी हो रही है।
सीएचसी प्रभारी डा. आलोक नायक ने बताया कि ठंड पड़ रही है। बिना गर्म कपड़ों के घरों से निकलना गलत है। ऐसे में ठंड लगने पर लोगों को जुकाम, बुखार, खांसी आदि बीमारियां हो रही हैं। एक बार बुखार होने पर तीन चार दिन सही होने लग रहे हैं। साथ ही शरीर भी कमजोर पड़ रहा है। ऐसे में मरीजों को तरल पदार्थों का सेवन अधिक करना चाहिए। सीएचसी माछरा पर क्षेत्र के नंगली अब्दुल्ला, कासमपुर, माछरा, शोल्दा, शाहजहांपुर, गोविंद पुरी, रछौती, रहदरा, जिसोरी, जिसोरा, बहरोड़ा, पसवाड़ा, डेरियो, हसनपुर कलां, स्वामीपुरा, मेघराजपुर, भटीपुरा, कुआं खेड़ा, नंगली किठौर, राधना, ईसापुर आदि गांवों से बड़ी संख्या में मरीज सीएचसी पर पहुंच रहे है।
विज्ञापन

सर्दी में अधिक होते है त्वचा संबंधी रोग
डा. आलोक नायक ने बताया कि ठंड के प्रति शारीरिक परिवर्तन की मानवीय क्षमता बहुत कम होती है। इसी समस्या के कारण वाह्य वातावरण में ठंड को त्वचा सहन नहीं कर पाती। क्योंकि मानव शरीर एक सामान्य ताप 37 डिग्री सेंटी ग्रेट होता है। जबकि शरीर की त्वचा 15 से 54 सेंटी ग्रेट से नीचे का ताप सहन कर सकती है। लेकिन अब तापमान इससे कम कम चल रहा है। जिस कारण त्वचा के अंदर की नमी समाप्त हो जाती है। साबुन से नहाने के बाद किसी कोल्ड क्रीम का प्रयोग करे। ऐसा करने से शरीर का सूखापन समाप्त हो जाता है। इससे त्वचा में होने वाले खिचाव से भी निजात मिल जाती है।
विज्ञापन

हाथ, पांव एवं होठ का फटने की समस्या
सर्दी में खुले में रहने के कारण त्वचा पर लाल चकत्तेे पड़ जाते है। और त्वचा फटने की समस्या दुबले पतले लोगों में अधिक देखनेे को मिलती है। सर्दी में शरीर के सभी अंगों को ढक कर रखना चाहिए। सर्दियों में हवा लगते ही होठ फटने शुरू हो जाते है। अधिक फटने पर अधिक दर्द होता है। होठों से खून भी निकलने लगता है। लेकिन इस समस्या से बचने के लिए होठों और हाथ पैरों पर वैसलीन आदि तैलीय पदार्थ का प्रयोग करना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें