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कनेक्टिविटी सुधरने के साथ ही देश के फलक पर चमकेगा मेरठ

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कनेक्टिविटी सुधरने के साथ ही देश के फलक पर चमकेगा मेरठ
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- कनेक्टिविटी के मामले में सबको पछाड़ देगा मेरठ
- एक्सप्रेस-वे, रैपिड रेल, डेडिकेटेड फ्रेट देंगे विकास को रफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। वो दिन दूर नहीं जब मेरठ भी देश के नक्शे पर अपनी अलग पहचान रखता हुआ नजर आने लगेगा। दिल्ली से मेरठ की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे पर पांच वर्षों में तेज गति से काम शुरू हुआ। अगले पांच वर्षों में इन कार्यों को पूरा कर मेरठ की पहचान पूरे देश में होगी। जिससे यहां रोजगार के साथ-साथ सुरक्षा क्षेत्र में भी इसका रुतबा बढ़ने वाला है। हाल ही में शिमला से सेना का प्रशिक्षण कमान मुख्यालय मेरठ स्थानांतरित किया जा रहा है। इससे मेरठ का नाम भी देश में सुरक्षा सेंटरों की सूची में सबसे ऊपर रहेगा।
मेरठ कनेक्टिविटी के मामले में एनसीआर में सबसे आगे होने जा रहा है। रैपिड रेल, एक्सप्रेस-वे, डेडिकेटेड-फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट शहर को नई गति की ओर ले जाने के लिए प्रयासरत हैं। जिससे शहर में कई नए प्रोजेक्ट आने की आस जगी है। वहीं, कनेक्टिविटी सुधरने के बाद अपने शहर में भी रोजगार के साधन बढ़ने लगेंगे। हालांकि, पहले भी मेरठ का नाम देश-विदेश में अलग-अलग क्षेत्र में छाया रहा है। लेकिन दिल्ली से मेरठ की दूरी कम न होने की वजह से यह शहर गाजियाबाद से पीछे रह गया।
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कई अन्य प्रोजेक्ट की भी आस
सेना के प्रशिक्षण कमान मुख्यालय के मेरठ आने के बाद यहां देश के सभी सुरक्षा एजेंसियों की नजरें लग जाएंगी। मेरठ से दिल्ली की दूरी को कम करने के लिए कनेक्टिविटी पर तेजी से कार्य होगा। इसके अलावा मेरठ में काफी समय से फूड पार्क की मांग भी पुरजोर ढंग से उठती आ रही है। इसके अलावा वेदव्यासपुरी में बन रहे आईटी पार्क से भी इस क्षेत्र को रफ्तार मिलेगी। यहां भी देश की टॉप कंपनियां युवाओं को रोजगार देंगी।
एक घंटे में राजधानी का सफर
अगले एक साल के अंदर मेरठ से दिल्ली का सफर मात्र एक घंटे में पूरा हो सकेगा। राजधानी से विभिन्न मामलों में होने वाले संवाद को भी रफ्तार मिलेगी। वहीं, कई अन्य प्रोजेक्ट पर भी रफ्तार के साथ कार्य हो सकेगा। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर छह माह में वाहन फर्राटा भर सकते हैं।
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सभी प्रोजेक्ट पर कार्य प्रगति पर
शुभ संकेत यह माना जा रहा है कि कनेक्टिविटी के सभी प्रोजेक्ट पर तेज गति से कार्य चल रहा है। प्रोजेक्ट के पूरा होने की डेडलाइन तिथि को आधार मानकर कार्य किया जा रहा है। जिससे तय समय में इन्हें पूरा किया जा सके। इन प्रोजेक्ट के पूरा होते ही मेरठ की इंडस्ट्री, प्रॉपर्र्टी सहित अन्य कार्यों में बूम आएगा।
कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट पर एक नजर
एक्सप्रेस वे का सफर: दिल्ली-मेरठ
कुल किलोमीटर - 96 किमी (चार चरण)
अनुमानित लागत - आठ से दस हजार करोड़
रैपिड रेल : दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल
कुल किलोमीटर - 82 किमी
कुल बजट - 30 हजार 874 करोड़
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर
कुल किलोमीटर - 1856 किमी
यह मिलेगा लाभ - इस प्रोजेक्ट के बन जाने से कोयला, स्टील आदि सामान को आसानी से भेजा जा सकेगा
पूरा होने का लक्ष्य - साल 2021
कुल बजट - 81 हजार 459 करोड़ (ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए)
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