मेरठ। दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल प्रोजेक्ट की रफ्तार बढ़ाने के लिए अधिकारियों का मंथन शुरू हो गया है। हालांकि, देश में चल रहे लोकसभा चुनावों की वजह भी इसकी रफ्तार में रोड़ा अटकाए हुए है। सूत्रों के अनुसार आदर्श आचार संहिता लगे होने से इसकी रफ्तार धीमी है। जिससे प्रोजेक्ट के पहले चरण का कार्य भी शुरू नहीं किया जा सका है। हालांकि 17 अप्रैल को आयुक्त अनीता सी. मेश्राम ने एनसीआरटीसी के अधिकारियों के साथ बैठक कर तेज गति से कार्य करने के निर्देश दिए थे। 29 अप्रैल को लखनऊ में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय कमेटी की बैठक होनी है।
पहले चरण में 16.5 किलोमीटर के साहिबाबाद से दुहाई तक के कार्य से पहले सभी कार्य पूरे किए जा चुके हैं। सड़क चौड़ीकरण और बिजली के तारों की शिफ्टिंग का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अब इस हिस्से में रैपिड रेल के पिलर खोदने का कार्य किया जाना है। वहीं, मेरठ तक मिट्टी की जांच का कार्य लगभग अंतिम दौर में पहुंच चुका है।
23 मई के बाद मिलेगी रफ्तार
रैपिड रेल के कार्यों के लिए टेंडर एनसीआरटीसी वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं। लेकिन इन टेंडरों का कार्य 23 मई के बाद ही शुरू होेने की संभावना है। 23 मई के बाद नई सरकार के गठन होने से प्रोजेक्ट को रफ्तार मिलेगी। पहले चरण में जून से कार्य शुरू होने से प्रोजेक्ट को समय से पूरा करने में मदद मिलेगी।