हस्तिनापुर। गर्म हवा एवं मौसम में हो रहे परिवर्तन से वन सेंक्चुरी क्षेत्र में आग ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। सोमवार दोपहर नहर की पटरी के समीप वन आरक्षित जंगल में आग लग गई। काफी दूर तक आग से जंगल में खड़ी छोटी वनस्पति जलकर नष्ट हो गई। हालांकि बड़े वृक्षों को कोई भारी नुकसान नहीं पहुंचा है।
बिजनौर बैराज से लेकर गढ़मुक्तेश्वर तक 2073 वर्ग किलोमीटर में फैला हस्तिनापुर आरक्षित वन क्षेत्र मेें दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीव तेंदुआ, बारहसिंघा, चीतल, पहाड़ा, सांभर के अतिरिक्त सैकड़ों प्रजाति के जंगली जीव निवास करते हैं। तेज धूप एवं गर्म हवाओं से तापमान में हो रही वृद्धि के चलते कभी भी वन जगलों में आग लग जाती है। सोमवार दोपहर में नहर पटरी के निकट पश्चिम दिशा में स्थित मध्य गंग नहर की पटरी पर वन जंगल जलने लगा। इसकी जानकारी आसपास के लोगों ने विभागीय अधिकारियों को दी। देर शाम तक मौके पर पहुंचकर दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। सरकार ने कई दशक पूर्व बिजनौर बैराज से गढ़ गंगा तक 2073 वर्ग किलोमीटर में फैले वन आरक्षित क्षेत्र को सेंक्चुरी का दर्जा दिया है परंतु वन विभाग के पास आग बुझाने के पर्याप्त साधन नहीं होने के चलते उसमें रहने वाले जगंली जीवों का जीवन संकट में रहता है। गर्मी के मौसम में आरक्षित वन जंगल में कहीं न कहीं आग लगती रहती है। जिससे जंगली जीवों का जीवन संकटग्रस्त रहता है। वन विभाग के कर्मचारी ही कड़ी मशक्कत करके आग पर काबू पाते हैं। वन दरोगा विनोद कुमार ने बताया कि प्रत्येक गर्मियों में वन जंगलों में आग लग जाती है। जिस पर वे पूरी मशक्कत कर काबू पाते हैं। आज शाम भी मध्य गंगनहर की पटरी के निकट लगी आग पर काबू पाया गया।
हस्तिनापुर। कस्बे के भीमनगर निवासी राजेन्द्र कुमार पुत्र श्री बलजीत सिंह ने थाना हस्तिनापुर एवं साइबर सेल मेरठ को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह 14 अप्रैल को करीब 12.15 बजे दोपहर मेन रोड के निकट स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम में धन निकासी के लिए गया था। जिस पर प्रार्थी ने दस हजार रुपये फीड किए। हालांकि धन निकासी नहीं हुई। इसके बावजूद बैलेंस की पर्ची आ गई थी। इस पर वहां खड़े एक अज्ञात व्यक्ति ने एटीएम लेकर देखने की बात कही तथा कार्ड बदल दिया। घर जाने पर उसे कई बार रुपये निकाले जाने का मेसेज प्राप्त हुआ। इसके बाद उसने कस्टमर केयर से बात कर एटीएम कार्ड बंद कराया। उसके खाते से कुल 36,147 रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित ने पुलिस एवं साइबर सेल से कार्रवाई की मांग की है।