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सीसीटीवी की निगरानी में होगा मेडिकल कॉलेज

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सीसीटीवी की निगरानी में होगा मेडिकल कॉलेज
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कॉलेज प्रबंधन ने 20 सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया
20 कैमरे कॉलेज में पहले से ही लगे हैं, सुरक्षा की दृष्टि से लिया फैसला
मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में जल्द ही चप्पे-चप्पे पर ‘तीसरी आंख’ का पहरा होगा। मेडिकल कॉलेज में आने वाले हर शख्स पर तीसरी आंख की निगाह रहेगी। कॉलेज प्रबंधन ने 20 सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया है।
अभी तक मेडिकल कॉलेज में 20 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। नए सीसीटीवी कैमरे लगने के बाद यह 40 हो जाएंगे। मरीजों के साथ-साथ यह चिकित्सकों और स्टाफ की सुरक्षा के लिहाज से प्रबंधन कड़ी व्यवस्था करने जा रहा है। मेडिकल में पूर्व में मरीजों का सामान, नकदी ही नहीं, बच्चा चोरी तक के मामले मामले हो चुके हैं। शूकर मृत बच्चे को मुंह में ले चुका है। लिहाजा इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन की ओर से यहां पर और ज्यादा सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने की तैयारी है।
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गले में पहचान पत्र पहनें होंगे चिकित्सक-स्टाफ
प्रबंधन ने तय किया है कि मेडिकल के चिकित्सक और स्टाफ भी गले में पहचान पत्र पहने हुए रहें, ताकि यह पता रहे कि कौन मेडिकल से जुड़ा है और कौन बाहरी है। ऐसा करने से सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी। इससे पहले पीएल शर्मा जिला चिकित्सालय में यह व्यवस्था शुरू हो चुकी है।
120 रुपये में होगा डिजिटल एक्सरे
मेडिकल कॉलेज में करीब सवा करोड़ रुपये कीमत की डिजिटल एक्सरे मशीन पिछले दिनों इंस्टाल कर दी गई थी। अब इसके रेट भी फिक्स कर दिए गए हैं। यहां 120 रुपये में डिजिटल एक्सरे होगा। रेट फिक्स न करने के कारण यह शुरू नहीं हो सकी थी। बाहर प्राइवेट में कराने पर 300 से 500 से ज्यादा रुपये खर्च होते हैं। यह रेट आगरा और लखनऊ के मेडिकल कॉलेज की तर्ज पर रखे गए हैं। डिजिटल एक्सरे में यह डायरेक्ट डिजिटल रेडियोग्राफर है। इसमें मरीज को टेबल पर लिटाया जाएगा और महज छह सेकेंड में एक्सरे इमेज कंप्यूटर पर आ जाएगी। एक घंटे में मरीज के हाथों में एक्सरे रिपोर्ट होगी। मेडिकल कॉलेज में हर माह तीन हजार से ज्यादा मरीजों को एक्सरे की जरूरत पड़ती है। 36 से 40 हजार एक्सरे सालभर में होते हैं। इनमें काफी संख्या ऐसे मरीजों की भी रहती है जिन्हें डिजिटल एक्सरे की जरूरत होती है। मेडिकल कॉलेज में डिजिटल एक्सरे की जरूरत को देखते हुए प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना से रेडियोलॉजी विभाग के उन्नयन के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये मंजूर हुए थे, जिसमें से सवा करोड़ की हाईटेक डिजिटल एक्सरे मशीन नीदरलैंड से मंगाई गई है।
रोजाना किए जा सकेंगे एक हजार एक्सरे
डिजिटल एक्सरे के लिए फिल्म लगाने की जरूरत नहीं होगी। अगर यह डिजिटल एक्सरे मशीन शुरू हो जाती है तो रोजाना एक हजार एक्सरे किए जा सकेंगे। कई इमेज में से अच्छी इमेज चुनी जा सकेंगी।
मेडिकल में नौ लोगों की प्रबंध समिति का किया गठन
मेडिकल कॉलेज में जिस नौ सदस्य प्रबंध समित का गठन किया गया है। इसमें मेडिसिन, सर्जरी, गायनिक, बाल रोग विभाग केअध्यक्ष हैं। इनके अलावा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, उप नर्सिंग अधीक्षक या सहायक नर्सिंग अधीक्षक, फार्मेसी के प्रभारी अधिकारी और उप अधीक्षक या जनसंपर्क अधिकारी शामिल किए गए हैं।
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सुरक्षा व्यवस्था होगी सुदृढ़
मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा रहा है। प्रबंधन समिति सीसीटीवी कैमरे, पहचान पत्र की व्यवस्था करने जा रही है। इसके अलावा डिजिटल एक्सरे का रेट भी फिक्स कर दिया गया है। - डॉ. राकेश दुबे, प्रमुख अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज
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