योगी ने तोड़ी आस, उद्यमी बजट से हताश
औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार, विकास और सुविधाओं के नाम पर मिला शून्य
इंवेस्टर्स समिट के निवेश को साकार करने पर भी नहीं दिया बजट में ध्यान
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। प्रदेश सरकार के बजट में मेरठ के उद्यमियों को कुछ नहीं मिला है। इंवेस्टर्स समिट और ब्रेकिंग सेरेमनी के बाद उद्यमी बड़ी आस लेकर प्रदेश सरकार के बजट का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में खेल उपकरण निर्यात करने वाले मेरठ को उपेक्षित रखा गया। प्रदेश सरकार ने बजट जारी किया, लेकिन मेरठ में औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार, मूलभूत सुविधाओं के लिए एक पैसा भी नहीं दिया। लंबे समय से जमीन की कमी से जूझ रहे उद्यमियों की उम्मीद भी टूट गई।
इंवेस्टर्स समिट का निवेश कैसे होगा पूरा
पिछले दिनों लखनऊ में हुई इंवेस्टर्स समिट में मेरठ में 600 करोड़ से अधिक के निवेश के एमओयू साइन हुए थे। उद्यमी इस निवेश को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिदिन विभाग के चक्कर काट रहे थे। उम्मीद थी कि सरकार मेरठ में नए औद्योगिक क्षेत्र बनाने पर जोर देगी। इससे नई इकाइयां खुलेंगी और रोजगार बढ़ेगा, लेकिन यह केवल ख्वाब बनकर रह गया। सरकार ने पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, गंदगी की समस्या को दूर करने पर भी ध्यान नहीं दिया।
एमएसएमई का बड़ा केंद्र है मेरठ
मेरठ में खेल उपकरण के अलावा कालीन, केमिकल, पेपर मिल, सराफा, चीनी मिल, इलेक्ट्रानिक उपकरण, प्रिंटिंग व डाइंग की प्रमुख इकाइयां हैं। प्रदेश में सूक्ष्म व लघु उद्योग इकाइयों का बड़ा केंद्र मेरठ है। 3500 से अधिक इकाइयां मेरठ में संचालित हैं, लेकिन विकास के नाम पर कुछ नहीं मिला।
वर्जन
प्रदेश स्तर पर उद्योगों को विकसित करने के लिए सरकार ने योजनाओं को बजट जारी किया है, जिसका लाभ सामूहिक तौर पर सभी जिलों को मिलेगा। ओडीओपी में मेरठ को भी फायदा मिलेगा। लेकिन खासतौर पर मेरठ के उद्योग विकास के लिए कोई घोषणा नहीं है। - वीके कौशल, उपायुक्त उद्योग
सरकार ने घोषणाएं तो बहुत कर दीं, लेकिन विकास के नाम पर कुछ भी नहीं दिया। निवेश तो तभी फलीभूत होगा, जब इकाइयां लगेंगी और पुरानी इकाइयां बेहतर ढंग से संचालित होंगी। बिना इंफ्रास्ट्रक्चर के ये संभव नहीं है।
- पंकज गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आईआईए यूपी
बजट से उद्योग की बात गायब
प्रदेश में विकास करना चाहते हैं, रोजगार बढ़ाना चाहते हैं तो विकास की धुरी उद्योग हैं। लेकिन जब उद्योग ही विकास नहीं करेंगे तो प्रदेश कैसे विकास करेगा। प्रदेश सरकार से उम्मीद थी कि मेरठ के मोहकमपुर, उद्योगपुरम के विकास के लिए धन मिलेगा, लेकिन बजट में उद्योग के मुद्दे को छुआ तक नहीं गया। - अतुल भूषण गुप्ता, मंडलीय अध्यक्ष आईआईए
बजट ने किया उद्यमियों को निराश
इंवेस्टर्स समिट के बाद उम्मीद थी कि बजट में मेरठ के हिस्से औद्योगिक विकास की कोई बड़ी घोषणा होगी, औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार का सपना साकार होगा। बजट में ऐसा कुछ नहीं हुआ। मेरठ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्पोर्ट्स गुड्स निर्माण का हब है। विकास नहीं हुआ, तो उद्योग को विस्तार नहीं मिलेगा। बजट से निराशा मिली है।
- कमल ठाकुर, उद्यमी