कानपुर-आगरा में मेट्रो को मंजूरी, मेरठ का प्रोजेक्ट अटकाया
पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड ने मेरठ पर बाद में फैसला लेने की बात कही
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। एक बार फिर क्रांतिधरा मेरठ को झटका लगा है। औद्योगिक नगरी कानपुर और ताज नगरी आगरा मेट्रो की डीपीआर को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) ने हरी झंडी दे दी। साथ ही कहा कि मेरठ पर फैसला बाद में लिया जाएगा।
आवास एवं नियोजन विभाग ने तीन शहरों की मेट्रो परियोजनाओं कीडीपीआर बुधवार को केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा गठित पीआईबी केसामने पेश की। इसमें कानपुर और आगरा की परियोजनाओं पर 19170 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। जबकि मेरठ के लिए प्रस्तावित डीपीआर 13 हजार 800 करोड़ रुपये की बनाई गई है। पीआईबी ने सभी पर मंथन करते हुए कानपुर और आगरा की परियोजनाओं को मजूरी दे दी। मेरठ की डीपीआर पर बाद में फैसला लेने का निर्णय लिया गया। माना यह जा रहा था कि लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार तीनों ही शहरों में मेट्रो की सौगात देगी। लेकिन इसमें दो शहरों को तो सौगात मिली, पर मेरठ की मेट्रो का पहिया रोक दिया गया है।
वर्जन
छोटे शहर में मेट्रो की फिजिबिलिटी को लेकर कुछ बात हुई थी। हो सकता है कि उसी के चलते इसे रोका गया है। मैं खुद पीआईबी में बात करूंगा। मेरठ मेट्रो चले, इस बात को खुद प्रदेश सरकार ने भी माना है और यह बेहद जरूरी है। - राजेंद्र अग्रवाल, सांसद मेरठ