फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पांच क्रय केंद्रों पर एसएमएस से गन्ना तौल हुई शुरु

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

दौराला। गन्ना समिति सचिव आनंद प्रकाश दुबे ने शनिवार को बताया कि गन्ना आयुक्त संजय आर भूस्सारेड्डी के निर्देश अनुसार समितियों द्वारा इस वर्ष किसानों को पर्ची निर्गमन का किया जा रहा है। पर्ची निर्गमन के साथ किसानों को एसएमएस किया जा रहा है। किसान एसएमएस के माध्यम से तौल करा सकता है।
समिति क्षेत्र में पांच क्रय केंद्रों पर एसएमएस के माध्यम से गन्ना का शत-प्रतिशत तौल शुरू कर दी गई है। जिसमें अंदावली, जुल्हैड़ा, भूनी, रतौली, पाली शामिल हैं। इस व्यवस्था से किसानों को पर्ची के गायब होने की समस्या से निजात मिली है। किसान गन्ना एसएमएस दिखाकर अथवा गन्ना पर्ची देकर या क्रय केंद्र पर उपलब्ध अकनोलेजमेंट सूची में अंकित पर्ची नंबर देकर भी तौल करा सकते हैं। इस व्यवस्था से किसान को राहत है तथा किसानों द्वारा सराहना की जा रही है। दुबे ने बताया कि शुरू में फर्म द्वारा कलेंडरों के कालमों में अत्यधिक गैप करा दिया गया था। यह मामला आयुक्त के संज्ञान में आते ही इसमें सुधार हुआ है। भविष्य में इस व्यवस्था में और सुधार होगा। जिला गन्ना अधिकारी द्वारा नियमित रूप से तौल लिपिकों का एसएमएस से पर्ची तौल करने का प्रशिक्षण एवं निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन


गन्ना समिति के सचिव ने किया निरीक्षण
जीआरएल टेक्नोलॉजी फर्म द्वारा मेरठ मंडल की चार गन्ना समितियों की पर्ची का निर्गमन किया जा रहा है। सचिव आनंद प्रकाश दूबे ने इस फर्म द्वारा बनाई जा रही पर्चियों के कार्यों का शनिवार की दोपहर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सचिव को सभी स्टाफ मौजूद मिला और समितियों का कार्य सुचारू रूप से चलता मिला। फर्म द्वारा दौराला, मोहिउद्दीनपुर, मोदीनगर, मलकपुर समितियों की पर्ची बनाई जा रही हैं। इन समितियों से लगभग दो लाख किसान जुड़े हुए हैं।
विज्ञापन


अगले पेराई सत्र में सिर्फ एसएमएस से तुलेगा गन्ना
गन्ना समिति के सचिव आनंद प्रकाश दूबे ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा है कि आगामी पेराई सत्र में पेपर फ्री पर्ची व्यवस्था लागू कर शत-प्रतिशत गन्ना तौल एसएमएस से किए जाने की व्यवस्था की जाएगी। अगले पेराई सत्र में जब यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। इससे किसानों को झंझट से निजात मिलेगी। जिससे अनावश्यक रूप से स्टेशनरी का दुरुपयोग न हो। आयुक्त द्वारा गन्ना समितियों के पुराने बकायेदारों के लिए एकमुश्त समाधाना योजना लागू की गई है। तीस जून तक रहेगी। किसान इसका लाभ भी ले सकेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें