दवा निगम नहीं बना तो हो सकता है दवाओं का टोटा
मेरठ। अगर लखनऊ में तैयार किया जा रहा दवा निगम नहीं बना तो स्वास्थ्य विभाग को दवाओं की किल्लत हो सकती है। दरअसल, केंद्र सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी जिलों में अब स्थानीय तौर पर दवा की खरीद नहीं की जाएगी, न ही बजट दिया जाएगा, जबकि अभी तक दवा निगम बना ही नहीं है, ऐसे में दवाओं का संकट हो सकता है।
अभी तक मेरठ में करीब ढाई करोड़ रुपये की दवाइयां सीएमओ कार्यालय केअंतर्गत आती थीं, लेकिन मार्च माह में हिदायत दी गई थी कि अप्रैल और मई का स्टॉक मंगा लें, इसके बाद की दवाइयां लखनऊ में खोले जा रहे दवा निगम से आएंगी। इससे स्वास्थ्य विभाग में डर सता रहा है, क्योंकि पिछले दो माह में 40 लाख रुपये की दवा ही खरीदी गई हैं। अभी हालात ऐसे नहीं लगते की जल्द ही दवा निगम से दवा आएगी। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि इस संबंध में दवाओं का मांग पत्र भेजा जा चुका है। फिलहाल दवाओं की किल्लत नहीं है। जुलाई तक का स्टॉक है। अगर दवा निगम तैयार नहीं होता है तो दवाओं का बजट मंगाकर स्थानीय स्तर से खरीदारी की जाएगी।