समय से पहले बंद हुआ मेला तो लगेगा झटका
मेरठ। अगर रमजान माह के कारण नौचंदी मेला समय से पहले बंद किया गया तो दुकानदारों की कमर टूट जाएगी। कारण है कि नौचंदी मेला शुरू ही उद्घाटन के एक माह बाद हुआ। जिसके कारण पिछले दस दिन से ही मेले में भीड़ आनी शुरू हुई है। दुकानदारों को अभी कुछ कारोबार की उम्मीद जगी थी कि मेला बंद करने की मांग शुरू हो गयी है।
मेला नौचंदी पश्चिम उत्तर प्रदेश का एतिहासिक मेला है। जिसमें महानगर से ही नहीं बल्कि आसपास के देहात और जनपदों से भी लोग मेला देखने पहुंचते हैं। यहां पटेल मंडप में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम जिनमें देश भक्ति, आपसी भाईचारे के कार्यक्रम पूरे देश में अपना भाईचारे का पैगाम भेजते हैं। बृहस्पतिवार से रमजान शुरू होने की संभावना जतायी जा रही है। हालांकि चांद दिखने के बाद ही रमजान माह की शुरुआत होगी।
जिस प्रकार से मुस्लिम पार्षदों ने रमजान माह में पटेल मंडप के कार्यक्रम निरस्त करने की मांग उठायी है, वहीं मेले को भी बंद करने की मांग पनपनी शुरू हो गयी है। कहा जा रहा है कि रमजान के कारण मुस्लिम परिवार मेले में नहीं पहुंच पाएंगे। अब देखना यह है कि क्या मेला कमेटी मेला बंद करने का भी निर्णय लेंगे। या फिर पूरी व्यवस्थाओं के साथ निर्धारित तिथि तक मेला संचालन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत
मेरठ। नौचंदी मेला परिसर स्थित पटेल मंडप में आयोजित किए गए ऑल इंडिया मुशायरा का मामला सीएम ऑफिस पहुंच गया है। सच संस्था के अध्यक्ष संदीप पहल ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि कौमी एकता मुशायरे के नाम पर राजनीतिक रोटी सेकी गयी। सरकारी धन का दुरुपयोग करने की नीयत से मुशायरे का आयोजन किया गया। मुशायरे में मंच पर बसपा के विवादित नेताओं को बैठाया गया। जिन्होंने जनता को राजनीतिक संदेश दिया। इन्होंने मांग की है कि कार्यक्रम आयोजक को मुशायरे का भुगतान न किया जाए। साथ ही मुशायरे में इस्तेमाल की गयी सरकारी मशीनरी और संसाधनों का खर्च भी वसूला जाए।
खास बातें:
दस दिन से ही मेले में उमड़नी शुरू हुई है भीड़
बार-बार आ रही आंधी से भी नौचंदी मेला हो रहा प्रभावित