अतिक्रमण की मार झेल रहा सर्विस लेन
मेरठ। तेजगढ़ी चौराहे से एल-ब्लाक तक बना 2.57 किलोमीटर सर्विस लेन अतिक्रमण की मार झेल रहा है। करीब चार साल पहले आवास एवं विकास परिषद ने करीब दस करोड़ रुपयों की लागत से सर्विस लेन का निर्माण कराया था। लेकिन परिषद आज तक सर्विस लेन से कब्जा मुक्त कराने में नाकाम रहा। मामले में हाईकोर्ट के अतिक्रमण हटाने के आदेश के बाद भी परिषदीय अधिकारियों ने कार्रवाई के नाम पर दिखावा किया।
आवास एवं विकास ने सर्विस लेन का निर्माण स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए कराया। करीब दस करोड़ रुपये की लागत वाले सर्विस लेन के दोनोें और साढ़े चार-चार मीटर जगह दी गई। लेकिन सर्विस लेन पर करीब डेढ़ सौ से ज्यादा अस्थायी और स्थायी दुकानों ने अतिक्रमण कर लिया। जिसमें पीवीएस माल की पार्किंग, कई बारात घर और गैस एजेंसियों की पार्किंग भी सर्विस लेन पर हो रही है। मामले में रोड़ के निर्माण के समय आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें कोर्ट ने 2015 में सभी अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे। लेकिन मामले में आवास विकास ने कार्रवाई के नाम पर खानापुरी करते हुए मामले को रफा दफा कर दिया। जिसके बाद हाईकोर्ट में लोकेश खुराना ने अवमानना वाद दायर किया। लेकिन तत्कालीन आवास एवं विकास अधिकारियों ने मामले में अतिक्रमण हटाने को लेकर कोर्ट में अपना पक्ष रखा। जिसके बाद लगातार सर्विस लेन पर अतिक्रमण बढ़ता चला गया। मामले में कई बड़े नेताओं के बारात घर पेट्रोल पंप सहित अन्य निर्माण कर दिए गए। लोकेश खुराना ने बताया परिषद अधिकारियों से शिकायत करो तो वो नगर निगम का नाम लेकर पल्ला झाड़ लेते हैं। ऐसे में सर्विस लेन का कोई मालिक नजर नहीं आ रहा है।
आवास विकास के अधीक्षण अभियंता एसपीएन सिंह ने कहा सर्विस लेन का निर्माण परिषद द्वारा किया गया था। लेकिन यह रोड़ नगर निगम को हैंड ओवर कर दिया गया है। अब रोड़ की जिम्मेदारी नगर निगम की है। किसी तरह की जवाबदेही भी नगर निगम अधिकारी ही दें।
खास बातें:
आवास विकास द्वारा दस करोड़ की लागत से तैयार हुआ था सर्विस लेन
मामले में आवास विकास एवं नगर निगम अधिकारियों पर हो चुका है अवमानना वाद दायर