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फर्जीवाड़ा कर हड़पी करोड़ों की आरक्षित संपति

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फर्जीवाड़ा कर हड़पी करोड़ों की आरक्षित संपत्ति
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मेरठ। आवास विकास परिषद की आरक्षित श्रेणी की संपत्तियों में फर्जी जाति प्रमाण एवं अन्य षड्यंत्रों के बल पर करोड़ों की संपत्तियां आवंटित करा ली गईं। अमर उजाला ने इस गोरखधंधे का खुलासा तो आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार के निर्देश पर अपर आयुक्त ने इसकी गहनता से जांच कर शहर में चल रहे बड़े गैंग को बेनकाब कर दिया। जिसके बाद आयुक्त ने मुख्य आरोपी समेत पांच लोगों पर थाना नौचंदी में मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
इस प्रकरण में फूलबाग कॉलोनी निवासी उमेश गुप्ता ने शिकायत की थी। आरोप था कि आवास विकास परिषद में एक संगठित गिरोह काम कर रहा है, जो आरक्षित श्रेणी की संपत्तियों को आवंटित करा रहा है। इस बाबत आयुक्त ने अपरायुक्त से जांच कराई। 21 नवंबर 2017 को अपरायुक्त ने अपनी जांच रिपोर्ट पेश कर दी। उन्होंने बताया कि शास्त्रीनगर निवासी बाबूलाल गुप्ता, उनकी पत्नी दीपा गुप्ता आवास विकास परिषद के तत्कालीन संपत्ति अधिकारी एवं कर्मचारी तथा एससी जाति के रामबाबू, राजा भैया तथा पिछड़ी जाति के नरेश चंद आदि द्वारा मिलकर गिरोहबंद तरीके से काम किया गया। सुनियोजित षड्यंत्र बनाकर आवास विकास की आरक्षित श्रेणी की संपत्तियाें को प्राप्त कर दिया।
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पावर ऑफ अटार्नी से किया खेल
कई मामलों में सामने आया कि इन लोगों ने एससी और ओबीसी श्रेणी के लोगों को प्लॉट आवंटित कराए और फिर अपने नाम पावर ऑफ अटार्नी कर संपत्ति बेच डाली। इतना ही नहीं यह भी सामने आया कि जाति प्रमाण पत्र तक फर्जी बनाए गए। हालांकि बाद में यह प्रमाणपत्र निरस्त किए गए। लेकिन तब तक खेल हो चुका था।
15 संपत्तियां हैं दंपति के नाम
जांच में सामने आया है कि शुभकामना बैंक्वेट हाल के मालिक बाबूलाल और उनकी पत्नी दीपा के नाम वर्तमान में करीब 15 संपत्तियां हैं। ये संपत्तियां मुख्तारनामे से ही प्राप्त की गई हैं। बाबूराम ने ये संपत्तियां अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित संपत्तियाें के आवंटन के नियमों का दुरुपयोग करते हुए प्राप्त कीं।
आयुक्त ने किया फाइल का अवलोकन
आयुक्त ने इस बाबत बृहस्पतिवार को आवास विकास परिषद के संपत्ति अधिकारी तथा अन्य कर्मचारियों को बुलाया। फाइल का अवलोकन करने के बाद उन्हें आदेश दिए कि बाबूलाल समेत इन सभी लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता तथा उप्र गिरोहबंद और समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाए। साथ ही उन्होंने इन सभी आरोपियों की गिरफ्तारी कराने को कहा।
थाने पहुंचे अधिकारी, घंटो बैठे
आयुक्त का आदेश लेकर आवास विकास के अधिकारी थाना नौचंदी पहुंचे। लेकिन घंटो बैठे रहे। यहां कार्यवाहक एसओ शशि कुमार ने कहा कि इस मुकदमे के लिए एसएसपी की भी अनुमति की आवश्यकता होगी। इस पर आवास विकास के अधिकारी एसएसपी मंजिल सैनी से मिले तो उन्होंने भी तत्काल मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यवाहक एसओ को डांटा कि इस प्रकरण में मुकदमा दर्ज करने में देर क्यों की। मुकदमा तत्काल दर्ज करें।
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सख्त एक्शन होगा
जांच में स्पष्ट हुआ है कि बाबूलाल ने गिरोह बनाकर आरक्षित श्रेणी की संपत्तियां हासिल की हैं। उस समेत सभी आरोपियों पर मुकदमा कराया जा रहा है। आवास विकास परिषद के अधिकारियों पर भी सख्त एक्शन होगा। -डॉ. प्रभात कुमार, आयुक्त

खास बातें:
आयुक्त ने दिए पांच आरोपियों पर केस दर्ज कराने के निर्देश
अपर आयुक्त की जांच में बेनकाब हुआ बड़ा गैंग
आवास विकास परिषद के अधिकारी भी रहे इस खेल में शामिल
अमर उजाला ने किया था इस गोरखधंधे का खुलासा
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