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ट्रैफिक पुलिस को झटका, 50 लाख की ग्रांट वापस

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ट्रैफिक पुलिस को झटका, 50 लाख की ग्रांट वापस
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मेरठ। ट्रैफिक पुलिस को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा है। यातायात निदेशालय ने मेरठ में ट्रैफिक पुलिस के लिए 50 लाख रुपये की ग्रांट जारी की थी। साथ ही निदेशालय ने संसाधनों की सूची भी तैयार की थी। जिसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने संसाधन खरीदने के लिए टेंडर भी कर दिया। लेकिन शुक्रवार को निदेशालय ने ग्रांट वापस ले ली। इसके बाद एसपी ट्रैफिक ने देरशाम सभी टेंडर निरस्त कर दिए।
28 फरवरी को यातायात निदेशालय लखनऊ से अलग-अलग जिलों के लिए करोड़ों रुपये की ग्रांट जारी की गई थी। जिसमें मेरठ में यातायात व्यवस्था के लिए 50 लाख रुपये की ग्रांट भेजी थी। ट्रैफिक पुलिस को यातायात निदेशालय के निर्देश पर स्पीड रडार, अलग-अलग प्रकार के 320 बैरियर, ब्रीथ ऐनालाइजर, डेलीनेटर, रिफ्लेक्टर जैकेट और इंटरसेप्टर गाड़ी के लिए भी उपकरण खरीदे जाने थे। ग्रांट मिलने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने उच्च सभी संसाधन खरीदने के लिए टेंडर निकाल दिए थे।
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नवरात्र में होना है कंट्रोल रूम का उद्घाटन
लाखों रुपये की कीमत से ट्रैफिक पुलिस का अलग कंट्रोल रूम तैयार हुआ है। नवरात्र में इसका उद्घाटन होना है। ऐसे में अन्य संसाधन खरीदने के लिए ट्रैफिक पुलिस तैयारी क र रही थी, लेकिन ग्रांट वापस होने के बाद ट्रैफिक पुलिस को बड़ा झटका लगा है।

इन सामान का किया गया था टेंडर
ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक चार स्पीडर रडार ट्रैफिक पुलिस को खरीदने थे। एक स्पीडर रडार की कीमत दो लाख रुपये बताई गई है। ट्रैफिक पुलिस को 320 बैरियर भी खरीदने थे। इनमें स्लीडिंग बैरियर, फोल्डिंग बैरियर शामिल हैं। एक बैरियर की कीमत 11 हजार रुपये बताई गई। दस ब्रीथ ऐनालाइजर भी खरीदने थे। एक ब्रीथ ऐनालाइजर की कीमत 45 हजार रुपये है। वही ढाई लाख के डेलीनेटर खरीदने थे। एक डेलीनेटर 300 रुपये का है। सड़क को डिवाइड करने वाले यह छोटे पोल जैसे होते हैं। इनके अलावा रिफ्लेक्टर जैकेट, कंप्यूटर और अन्य संसाधन भी खरीदे जाने थे।
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यातायात निदेेशालय ने ही 50 लाख की ग्रांट दी थी। निदेशालय ने ही ग्रांट वापस ली है। जिसके बाद टेंडर निरस्त कर दिए गये हैं। इस मामले में उच्च अधिकारियों और निदेशालय को अवगत करा दिया गया है। संजीव बाजपेयी, एसपी ट्रैफिक
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