मेरठ। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर दीवानी न्यायालय सभागार में विधिक साक्षरता दिवस का आयोजन किया गया। अध्यक्षीय संबोधन में जिला जज आलोक कुमार सक्सेना ने कहा कि विधिक अधिकार के साथ-साथ विधिक कर्तव्य की जानकारी भी की जानी चाहिए। प्रत्येक महिला/छात्रा को विधि का ज्ञान प्राप्त होने से न केवल उनके शैक्षिक स्तर में सुधार होता है बल्कि उनके दृष्टिकोण में भी परिवर्तन होता है। वह अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिये खुद सक्षम बनती हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित शिविर में एडीजे एके पांडे, पीयूष शर्मा, इरफान कमर, तबरेज अहमद, सिविल जज (सीडि) अभय नारायण, श्याम बाबू, परिवार न्यायालय न्यायाधीश आदेश नैन, सिविल जज (जूडि) नैंसी धुना, मेरठ बार के महामंत्री प्रबोध शर्मा, ब्रिजेश सिंह, महिला अधिवक्ता सुमन गुप्ता, पूनम वशिष्ठ आदि ने विचार रखे। संचालन प्राधिकरण के सचिव डीसी शुक्ला ने किया।