मेरठ। मेरठ कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव के लिए एबीवीपी ने भी रविवार को अपने पैनल की घोषणा कर दी। पैनल में घोषित प्रत्याशियों से जातिगत समीकरण साधने की कोशिश की गई है। पैनल में दो पद ओबीसी एक जनरल व एक पद पर दलित प्रत्याशी को उतारा गया है। संगठन पदाधिकारियों ने पैनल की जीत का दावा किया है। हालांकि विपक्ष के एक मंच पर आने से मुकाबला कड़ा हो गया है।
मेरठ कालेज छात्र संघ चुनाव में पांच पदों के लिए 17 प्रत्याशी मैदान में है। अध्यक्ष पद पद तीन, उपाध्यक्ष पद पर चार, महामंत्री पद पर तीन, संयुक्त सचिव पद पर तीन और कोषाध्यक्ष पद पर चार प्रत्याशी खड़े हैं। पिछले साल के मुकाबले इस साल का चुनाव पूरी तरह बदला हुआ है। पिछले साल जहां मुख्य तीन पैनल के बीच चुनाव हुआ था इस बार केवल दो पैनल के बीच ही चुनाव हो रहा है। समाजवादी छात्रसभा पैनल इस बार रालोद-एनएसयूआई पैनल के साथ आ गया है। संयुक्त मोर्चा नाम से बने इस पैनल का मुकाबला एबीवीपी के साथ है। सत्ता में भाजपा की सरकार होने से एबीवीपी उत्साही जरूर है, लेकिन यूनिवर्सिटी का अध्यक्ष पद झटकने के बाद रालोद-एनएसयूआई के हौसले पूरी तरह बुलंद हैं। यहां पर उसके पैनल में समाजवादी छात्रसभा के जुड़ जाने से ताकत तीन गुणा हो गई है। छात्र राजनीति के पंडितों का मानना है कि विपक्षी दलों के एक साथ आने पर फिलहाल संयुक्त मोर्चा की ताकत ज्यादा दिख रही है, लेकिन एबीवीपी की परंपरागत ताकत भी कड़ी टक्कर देती नजर आ रही है।
ये है एबीवीपी का पैनल
रविवार को एबीवीपी ने अपने पैनल की घोषणा कर दी। संगठन के महानगर महामंत्री अंकित बंसल ने बताया कि अध्यक्ष पद पर अक्षक कुमार बालियान, उपाध्यक्ष पद पर महिमा चौधरी, महामंत्री पद पर कमल मित्तल, संयुक्त सचिव पद पर तरुण कुमार जाटव और कोषाध्यक्ष पद पर आशुतोष शर्मा को उतारा गया है।
खास बात
एबीवीपी ने पैनल में की जातिगत समीकरण साधने की कोशिश