मेरठ। सीसीएस यूनिवर्सिटी कैंपस छात्र संघ चुनाव प्रचार के आखिरी दिन बृहस्पतिवार को सभी प्रत्याशियों ने पूरी ताकत झोंक दी। वहीं, प्रत्याशी वोटरों की खातिरदारी करने में भी कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं। उन्होंने कैंपस, सर छोटूराम इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग, हॉस्टल के अतिरिक्त गांव-गांव जाकर वोट मांगे। वहीं, जातिगत समीकरणों को साधने के लिए नेताओं का सहारा लिया जा रहा है।
बृहस्पतिवार को चुनाव प्रचार का आखिरी दिन था। एबीवीपी, रालोद-एनएसयूआई और समाजवादी छात्र सभा पैनल समेत अध्यक्ष पद के सभी प्रत्याशियों ने समर्थक छात्रों के साथ प्राथमिकताएं गिनाकर वोट मांगे। प्रत्याशियों ने काफिले में शामिल गाड़ियां बाहर खड़ी करके हॉस्टल में छात्रों से वोट देने की अपील की। वहीं, अन्य छात्रों तक संपर्क करने के लिए उनके गांव भी पहुंचे। वहीं, प्रत्याशियों ने अपने वर्ग के छात्रों का वोट हासिल करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया। इसके लिए पार्टी नेताओं और बिरादरी के संगठनों से जुडे़े नेताओं का भी सहारा लिया।
सभी पैनलों के प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे थे। उन्होंने जीतने के बाद छात्रों की लड़ाई लड़ने और वर्षों से लंबित मांगे पूरी कराने का वादा किया। रालोद छात्र सभा के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बालियान और एनएसयूआई के छात्र संघ चुनाव प्रभारी अवनीश काजला ने बताया कि उनका पैनल भारी मतों से जीतेगा। एबीवीपी के महानगर प्रभारी अंकित बंसल ने बताया कि उनके पैनल को सभी वर्गों के छात्रों का भारी समर्थन मिल रहा है, जीत संगठन की होगी। वहीं, सपा नेता अतुल प्रधान ने कहा कि मुख्य लड़ाई समाजवादी छात्र सभा और रालोद-एनएसयूआई के बीच है। पहले की तरह छात्र सभा ही जीत का परचम लहराएगी।
मुख्य बातें
जीत के लिए सभी प्रत्याशियों ने झोंकी ताकत
कैंपस, सर छोटूराम इंस्टीट्यूट और हॉस्टलों के अतिरिक्त गांवों जाकर भी मांगे वोट
जाति के वोटरों को साधने में लगे प्रत्याशी