मेरठ। नगर निगम चुनाव की मतदाता सूची में बड़ी संख्या में वोटरों के नाम न होने और नये परिसीमन में 406 मोहल्लों के गायब होने के मामले में जांच होगी। यह बात राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल ने भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी से कही। डॉ. वाजपेयी ने सोमवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त से लखनऊ में मुलाकात कर मतदान से वंचित मतदाताओं की शिकायतों के साथ अपनी बात रखी।
डॉ. वाजपेयी ने कहा कि नगर निगम का नया परिसीमन हुआ है। जिसमें 406 मोहल्लों और कॉलोनियों को गायब कर दिया गया। साथ ही बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब थे। निगम चुनाव में लगभग दो लाख मतदाता मतदान से वंचित रह गए।
डॉ. वाजपेयी ने बीएलओ द्वारा मतदाता सूची में मौके पर उपस्थित मतदाताओं को गायब करना तथा मौके से अनुपस्थित लोगों के नाम सूची में शामिल करना, पर्ची न बांटना, केंद्र पर मतदाता सूची में पर्चियों को लेकर न बैठने की भी शिकायत की। कहा कि इससे लाखों मतदाता मतदान से वंचित रह गए और एक प्रकार से लोकतंत्र की हत्या हुई है। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि उनका पत्र ई-मेल से मतदान के दिवस ही प्राप्त हो गया था। इस मामले में आयोग कमिश्नर मेरठ से नगर निगम मतदान में मतदाता सूची और बीएलओ की अनियमितताओं की जांच कराएगा। लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही होगी। इस संबंध में शीघ्र जांच का आदेश जारी किया जाएगा।
- भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने की राज्य निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात
- मतदाता सूची से नाम गायब होने और 406 मोहल्लों के परिसीमन में शामिल न होने की उठायी बात