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बाहर होंगे नकारा सरकारी कर्मचारी, प्रशासन सख्त

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मेरठ। सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले 50 साल से अधिक उम्र के कर्मचारी सावधान हो जाएं! उनके कामकाज की गोपनीय जांच शुरू हो गई। सही ढंग से ड्यूटी का निर्वहन न करने वाले ऐसे ऐसे कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है। मंडलायुक्त के निर्देश पर जहां कलक्ट्रेट में कमेटी का गठन किया जा रहा है तो वहीं कमिश्नरी में खुद कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार ने अपनी अध्यक्षता में कमेटी गठित कर ऐसे कर्मचारियों की गोपनीय जांच शुरू कर दी है। कमेटियां अगस्त माह में गोपनीय रिपोर्ट शासन को प्रेषित कर देंगी।
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इस नियम को बनाया हथियार
सरकार ने वित्तीय हस्तपुस्तिका खंड का हवाला दिया है। कहा है कि इस पुस्तिका के खंड 2 ए भाग 2 से 4 तक में प्रकाशित मूल नियम. 56 में स्पष्ट उल्लेख है कि 50 वर्ष की आयु प्राप्त किसी सरकारी सेवक को उसका नियुक्ति प्राधिकारी बिना कोई कारण बताए तीन महीने का नोटिस अथवा तीन महीने का वेतन देकर जनहित में अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त कर सकता है।
कमिश्नर ने रखा था शासन के सामने प्रस्ताव
इस नियम का हवाला देते हुए दो माह पहले कमिश्नर मेरठ ने ही प्रदेश सरकार के सामने यह प्रस्ताव रखा था। कहा था कि वह अपने यहां इस पर काम करने को तैयार हैं बशर्ते सरकार भी इसे सहमति दे। उन्होंने कहा था कि इस उम्र के बाद कुछ कर्मचारी वास्तव में काम कर ही नहीं रहे हैं। ऐसे में जो लोग काम कर रहे हैं वह भी हतोत्साहित हो रहे हैं। इस पर सरकार ने सहमति दे दी और सीएम ने इसके लिए सभी को निर्देश जारी कर दिए।
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बना दी कमेटी
कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार द्वारा अपनी अध्यक्षता में गठित कमेटी में उनके अलावा मंडलीय सांख्यिकी अधिकारी नैन सिंह तथा अपरायुक्त आरएस धामा शामिल हैं। कलक्ट्रेट में डीएम की अध्यक्षता में कमेटी बन रही है। इसके अलावा मंडल के सभी जिलाधिकारियों को कमेटी बनाने को कहा है।
एमडीए में तत्काल कमेटी बनाने को कहा
मेरठ विकास प्राधिकरण में तत्काल इस बाबत कमेटी गठित करने को कहा गया है। दरअसल, यहां कर्मचारियों को लेकर लगातार यह आरोप लगते रहे हैं कि कर्मचारियों की संख्या बढ़ती जा रही है और अधिकतर कर्मचारी काम ही नहीं करते हैं। शासन को भी यह प्रस्ताव जा चुका है कि यहां के कर्मचारियों को तबादला दूसरे विभागों में भी किया जाए।
स्क्रीनिंग के ये बिंदु रहेंगे मुख्य : कर्मचारियों की कार्यदक्षता का कमजोर पड़ना, अक्षमता, जानबूझकर काम न करना, समय पर दफ्तर आने-जाने में गड़बड़ी करना और अनुशासनहीनता।
यह बोले मंडलायुक्त
मेरठ मंडल के आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार का कहना है कि कमिश्नरी तथा कलक्ट्रेट में कमेटियों का गठन हो गया है। एमडीए तथा अन्य विभागों में तत्काल कमेटी गठित करने को कहा है। मंडल के अन्य डीएम भी कमेटी का गठन कर 50 साल से अधिक उम्र के ऐसे कर्मचारियों की रिपोर्ट जल्द देंगे जो काम नहीं कर रहे हैं।
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