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जम्बूद्वीप स्थल के तीनमूर्ति मंदिर में कार्यक्रम का आयोजन।

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हस्तिनापुर।
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जम्बूद्वीप स्थल के तीनमूर्ति मंदिर में गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माताजी की प्रेरणा से भगवान पार्श्वनाथ की श्यामवर्णी प्रतिमा का जन्मकल्याणक 108 कलश से महामस्तकाभिषेक करके संपन्न किया गया। सभा का शुभांरभ मंगलाष्टक पूर्वक किया गया।
भगवान पार्श्वनाथ की पद्मासन चार फीट उत्तुंग प्रतिमा के मस्तक पर जल, नरियल रस, इच्छुरस, घी, दूध, दही, सर्वोषधी, चंदन विलेपन, पुष्प वृष्टि के साथ सुगंधित जल से भगवान का कलश किया गया। विश्व में शांति की कामना के साथ भगवान के मस्तक पर शांतिधारा की गई। जैन धर्म के 8वें तीर्थंकर भगवान चंदाप्रभु एवं 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ का जन्म एवं दीक्षा कल्याणक तीन मूर्ति मंदिर में संपन्न किए। वहीं, ऐरावत हाथी पर भगवान को विराजमान करके जम्बूद्वीप की तीन परिक्रमा की गई। सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य संजय कुमार जम्बूद्वीप हस्तिनापुर को प्राप्त हुआ। धनकुबेर मंगला सुभाष चंद साहू एवं भगवान के रथ के सारथी संस्थान के प्रबंध मंत्री विजय जैन, भगवान को चंबर ढोने का सौभाग्य मनोज कुमार एवं राजेश कुमार जैन जम्बूद्वीप हस्तिनापुर को प्राप्त हुआ। भगवान को सुमेरू पर्वत की पांडुकशिला पर विराजमान करके 108 कलशों से जन्मकल्याणक अभिषेक संपन्न किया गया। भगवान पार्श्वनाथ का जन्म वाराणसी नगरी में हुआ था। उन्होंने झारखंड के मधुबन स्थित जैन तीर्थ सम्मेद शिखर सिद्धक्षेत्र की पावनधरा के स्वर्णभ्रद कूट से मोक्ष प्राप्त किया था। अंत में सभी श्रद्धालुओं ने भगवान चंदाप्रभु एवं भगवान पार्श्वनाथ की आरती की। संपूर्ण विधिविधान पं. नरेश जैन शास्त्री, पं. प्रवीण चंद जैन शास्त्री, पं. वीरेन्द्र जैन शास्त्री, पं. प्रदीप जैन शास्त्री आदि ने संपन्न कराया।
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मुख्य बातें
भगवान को ऐरावत हाथी पर विराजमान करके जम्बूद्वीप की तीन परिक्रमा कराई
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में शिरकत करके धर्मलाभ अर्जित किया


कीटनाशकों के सुरक्षित इस्तेमाल करने का प्रशिक्षण दिया
हस्तिनापुर।
कृषि विज्ञान केंद्र में हिंदुस्तान इन्सेक्टिसाइडस नई दिल्ली के तत्वावधान में कीटनाशकों को सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण उपयोग पर बृहस्पतिवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति सरदार वल्लभ भाई पटेल कृृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय डा. गया प्रसाद ने किया।
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कुलपति ने कृृषकों को संबोधित करते हुए कहा कि आमदनी बढ़ाने के लिए स्वयं को जागरूक होना होगा। केंद्र प्रभारी डॉ. ओमवीर सिंह ने कीटनाशकों का उचित प्रयोग करने सलाह दी। किसानों को आईपीएम पद्धति अपनाने के बारे में निदेशक प्रसार डॉॅ. एसके सचान ने जानकारी दी। डा. रामजी सिंह ने कीटनाशकों के सुरक्षित उपयोग के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र के सहायक वैज्ञानिक डॉ. संदीप चौधरी ने किसानों को गेहूं और सरसों की खेती के बारे में विस्तृत जानकारी दी। डॉ. नवीन चंद्रा ने जैविक कीटनाशकों के बारे में किसानों को जानकारी दी। कार्यक्रम में डॉ. साईं दास सलाहकार एचआईएल डॉ. अजीत वर्मा, मैनेजर एचआईएल, क्षेत्रीय प्रबंधक एचआईएल कमल सिंह तथा बीज उत्पादन कार्यक्रम शुरू करने वाले ठाकुर जयपाल सिंह भी शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन केवीके प्रभारी डॉ. ओमवीर सिंह ने किया। यहां पाली, हस्तिनापुर, रजपुरा, मवाना, रामराज आदि के 300 से अधिक किसानों ने भाग लिया। यहां किसानों को एचआईएल द्वारा सेफ्टी किट तथा सब्जियों के उन्नतिशील बीजों का वितरण किया गया। यहां दस कृृषकों को बाबूराम चौहान, विक्की चौहान, रामपाल, सतीश, लीलापत को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के समस्त वैज्ञानिक एवं कर्मचारियों का सहयोग रहा।
मुख्य बातें
किसानों को फसलों में लगने वाले रोगों के बारे में जागरूक होने की सलाह दी
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