ग्राम ललियाना स्थित मौलाना आजाद इंटर कॉलेज में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिसमें प्रबंध समिति, प्रधानाचार्य और शिक्षकों एक-दूसरे के कार्यों में अड़ंगा लगा रहे हैं।
गांव स्थिति मौलाना आजाद इंटर कॉलेज सोसायटी का होने के चलते हमेशा विवादों में रहा है। जिसको लेकर कई बार खूनी संघर्ष भी हुआ, लेकिन आज तक शिक्षा विभाग के किसी भी अधिकारी ने विवाद को निपटाने की दिशा में पहल नहीं की है। जिसको लेकर गांव एवं आसपास के छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में है ।
गांव के तौसीफ उर्फ अच्छन ने वर्ष 1999 को अपनी दस बीघा जमीन पर मौलाना आजाद इंटर कॉलेज शुरू किया था। जिसमें छात्र-छात्राओं ने शिक्षा ग्रहण की। वर्ष 2016 में उनकी मौत हो जाने के बाद से ही कॉलेज में प्रबंधक पद को लेकर प्रधानाचार्य और प्रबंध समिति के सदस्यों में विवाद शुरू हो गया। कॉलेज आज तक विवादों में है। जिसमें वर्ष 1999 में चार शिक्षकों की प्रबंधक तौसीफ ने नियुक्ति की थी। जिसमें कॉलेज के प्रधानाचार्य द्वारा उक्त चारों शिक्षकों के उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर नहीं कराने को लेकर विवाद दोबारा खड़ा हो गया। जिसमें चारों शिक्षकों ने जिला विद्यालय निरीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर कॉलेज में उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर कराने एवं छात्र-छात्राओं को नियमित शिक्षा दिलाने की गुहार लगाई है।
मुख्य बातें
शिक्षकों ने जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र लिखकर लगाई उपस्थिति दर्ज कराने की गुहार
प्रधानाचार्य और प्रबंध समिति के विवाद में छात्रों का भविष्य अधर में