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पुलिस प्रशासन की मिली भगत से चल रही है अवैध मीट फैक्ट्री

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खरखौदा।
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हापुड़ रोड पर अल्लीपुर स्थित रैंडरिंग प्लांट में अवैध रूप से पशु कटान किया जा रहा है। ग्रामीणों और अन्य फैक्ट्री संचालकों का आरोप है कि ऐसा पुलिस एवं प्रशासन की मिलीभगत से हो रहा है।
प्रदेश में निजाम बदलते ही भाजपा सरकार ने एजेंडे में शामिल अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई की।हापुड़ रोड स्थित अल्लीपुर गांव में अवैध रूप से चल रहीं दो दर्जन मीट फैक्ट्री एवं रैंडरिंग प्लांट पर कार्रवाई कर करीब दर्जनभर फैक्ट्रियों पर सील लगा दी थी। प्रदेश सरकार द्वारा उठाए सख्त कदम से फैक्ट्री स्वामी बौखला गए। इसी क्षेत्र में एक रैंडरिंग प्लांट संचालित था। ग्रामीणों और आसपास के फैक्ट्री स्वामियों का कहना है कि इस रैंडरिंग प्लांट में अब रात्रि में अवैध रूप से कटान किया जा रहा है। रात्रि में करीब दस से सुबह चार बजे तक कटान किया जाता है। पुलिस-प्रशासन को इस मामले में कई बार सूचना दी गई है। हालांकि पुलिस-प्रशासन की ओर से एक सप्ताह बाद भी प्लांट संचालकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। इस रैंडरिंग प्लांट प्रबंधन द्वारा एपेडा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एमडीए से संबंधित औपचारिकता पूरी नहीं की हैं।
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फैक्ट्री पहले भी कर चुकी है एपेडा से एनओसी का प्रयास
मीट प्लांट प्रबंधन ने बीती जुलाई में प्रशासन और एपेडा की टीम को प्लांट की जांच की न्यौता दिया था। जिसमें फैक्ट्री संचालक टीम से सेटिंग करके एपेडा का लाइसेंस लेने की तैयारी कर रहा था। मामला चर्चा में आने पर प्लांट को एपेडा का लाइसेंस नहीं मिल सका था।
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इस बाबत सीओ किठौर हरिमोहन सिंह का कहना है कि प्लांट संचालन की उन्हें जानकारी नहीं है। यदि मामले में सच्चाई है तो जल्द ही छापेमारी की जाएगी। प्लांट चालू मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य बातें
सीओ किठौर ने संचालन की जानकारी से किया इनकार
ग्रामीण और अन्य फैक्ट्री संचालक लगा रहे आरोप
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