ठंड के मौसम में गरीब और बेसहारा लोगों के लिए तहसील प्रशासन और नगर पालिका द्वारा अभी तक रैन बसेरों और अलाव आदि की व्यवस्था नहीं की गई है। इस संबंध में तहसीलदार अमित कुमार भारतीय का कहना है कि अभी पैसा नहीं आया है। दिसंबर से व्यवस्था कर दी जाएगी।
नवंबर का अंतिम सप्ताह चल रहा है। ठंड ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। इससे सबसे अधिक प्रभावित गरीब और बेसहारा लोग होते हैं। जिन लोगों के पास सिर छुपाने के लिए आसरा नहीं है, वे ठंड के मौसम में भी खुले में रात बिताने को विवश हैं। हर वर्ष ठंड के मौसम में तहसील प्रशासन तथा नगर पालिका द्वारा गरीब और बेसहारा लोगों के लिए रैन बसेरों की व्यवस्था की जाती रही है। वहीं, शाम के समय अलाव की व्यवस्था भी की जाती है। हालांकि इस बार अभी तक न तो रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है और न ही अलाव जलाए जाने की। इस संबंध में तहसीलदार अमित कुमार भारतीय का कहना है कि अभी तक शासन से रैन बसेरों और अलाव के लिए धन उपलब्ध नहीं हुआ है। दिसबंर में रेन बसेरों और अलाव की व्यवस्था कड़ाके की सर्दी पड़ने पर कर दी जाएगी।