मवाना शुगर मिल से पर्ची की किल्लत के चलते किसानों की गन्ने की फसल की कटाई नहीं हो पा रही है। इसके चलते किसान रबी की फसलों की बुआई नहीं कर पा रहे हैं। किसान सस्ते मूल्य में कोल्हू एवं क्रेशर पर गन्ना बेचने को मजबूर हैं। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि मिल द्वारा पर्ची जारी नहीं की गई तो क्रय केद्र बंद करके सप्लाई रोक दी जाएगी।
युवा समाजसेवी गुल्लू पधान के आवास पर रविवार को किसानों की बैठक हुई। जिसमें मवाना चीनी मिल से किसानों को पर्ची नहीं मिलने पर रोष जताया गया। किसान नरेश गुर्जर, प्रदीप गुर्जर, गोपी गुर्जर, संतरपाल ने आरोप लगाया कि गन्ने की कटाई नहीं होने से खेत खाली नहीं हो पा रहे हैं। जिससे गेहूं और सरसों की बुआई पिछड़ रही है। किसान पप्पू गुर्जर, रणपाल गुर्जर, रामकुमार का कहना है कि परीक्षितगढ़ में एक हजार किसान गन्ना समिति मवाना से जुडे़ हैं। इसके बावजूद एक दिन में महज पचास पर्ची ही मिल पा रही हैं। जिससे जरूरतमंद और गेहूं की बुआई की तैयारी कर रहे छोटी जोत वाले किसानों को गन्ना सस्ती दर पर कोल्हू और क्रेशर में बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। दूसरी ओर पर्ची नहीं मिलने पर किसानों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पर्ची नहीं मिलने पर किसानों का गन्ना खेतों में खड़ा है। गन्ना समय पर नहीं डाले से किसानों को घरेलू खर्च में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैठक में निर्णय किया कि यदि पर्ची की किल्लत दूर नहीं की गई तो किसान क्रय केंद्रों पर तौल बंद कराकर मवाना शुगर मिल को गन्ने की सप्लाई रोक देंगे।
मुख्य बातें
मवाना चीनी मिल से नहीं मिल रही पर्याप्त गन्ना पर्ची
गन्ना किसानों ने दी तौल बंद करा देने की चेतावनी