मोदीपुरम। नगर निकाय चुनाव के मतदान के बाद हार-जीत के गणित में उलझा हर प्रत्याशी अपनी जीत का दावा कर रहा है। हालांकि कम मतदान के बीच प्रत्याशियों की धड़कने बढ़ गई हैं। अब बाजी किसके नाम होगी यह तो एक दिसंबर को ही पता चलेगा।
मोदीपुरम क्षेत्र में वार्ड 57, वार्ड 30, वार्ड 27 और वार्ड सात के लिए बुधवार को मतदान हुआ था। वोटिंग को लेकर कहीं पर उत्साह रहा तो कहीं रफ्तार धीमी रही। कहीं पर त्रिकोणीय तो कहीं पर चतुष्कोणीय मुकाबले के बीच प्रत्याशी की जीत फंसी हुई है। अगर जातिगत आंकड़ों पर गौर करें तो आंकडे़ सबके फेल हैं। लेकिन हर प्रत्याशी अपना-अपना गणित लगाकर खुद को पास मानकर चल रहा है। अब चुनाव संपन्न होने के बाद हर प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत का दावा तो कर रहा है। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि जब सभी प्रत्याशी जीत रहे हैं तो हारेगा कौन।
मोदीपुरम को भाजपा का गढ़ माना जाता है। लेकिन यहां पर इस बार भाजपा की अच्छी स्थिति नहीं दिखी है। वार्ड 27 से भाजपा प्रत्याशी अश्वनी शर्मा के सामने भाजपा से बगावत कर आए राजेश कांत जैन ने भी चुनाव लड़ा है। चुनाव में बाजी किसके हाथ लगेगी, यह तो वोटों का पिटारा खुलने पर ही पता चलेगा। बृहस्पतिवार को जहां प्रत्याशियों ने अपनी थकान कम की, तो वहीं कार्यकर्ताओं के साथ जातिगत आंकड़ों और अन्य आंकड़ों पर चुनाव का मंथन भी किया।
- चार वार्डों पर साफ नहीं है स्थिति, कम मतदान ने बढ़ाई धड़कने