ग्राम जीतपुर में चारागाह की 24 बीघा जमीन पर किए गए अवैध कब्जे को सोमवार को तहसील टीम ने पुलिस बल के साथ खाली कराया। इस जमीन पर पिछले तीस साल से अवैध कब्जा किया गया था। टीम ने जमीन पर खड़ी ईख की फसल जोत दी और मामले की जानकारी अधिकारियों को दे दी है।
दौराला थाना क्षेत्र के गांव जीतपुर की लगभग 24 बीघा चारागाह पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया था। ग्राम प्रधान जयवीर सिंह ने बताया कि तीस साल पहले गांव के ही रतिराम एवं रामरतन के नाम से इस जमीन पर पट्टा आवंटित किया गया था। कुछ दिन बाद ही इन पट्टों को निरस्त कर दिया था। पट्टे निरस्त होने के बाद भी इन लोगों ने जमीन से कब्जा नहीं छोड़ा। पिछले दस सालों से रतिराम और रामरतन का परिवार गांव में नहीं रहता है। इन्होंने इस जमीन को भरोटा और जीतपुर गांव के कुछ ग्रामीणों को ठेके पर दे दिया था। ग्राम प्रधान ने मामले की शिकायत एसडीएम से करके अवैध कब्जे हटाने की मांग की थी। जिस पर एसडीएम ने तहसील टीम को कब्जा हटाने के निर्देश दिए थे। कानूनगो आजादपाल के नेतृत्व में सोमवार को हलका लेखपाल शिवकुमार, प्रहलाद सिंह, वीरसिंह, दयाचंद पुलिस बल के साथ गांव में पहुंचे।
उन्होंने अवैध कब्जे की जमीन पर खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलवाया। इस दौरान टीम ने ट्रैक्टर से पूरी जमीन को कब्जा मुक्त कराया और पूरे मामले की रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी है। कानूनगो आजादपाल ने बताया कि इस जमीन पर जिन लोगों ने फसल बो रखी थीं उन्हें एक सप्ताह पहले ही जमीन खाली करने के लिए कह दिया था। लेखपाल शिवकुमार ने बताया कि ग्राम प्रधान की शिकायत पर एसडीएम के आदेश पर अवैध कब्जे को हटाया गया और चारागाह की जमीन खाली कराई गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोबारा से चारागाह पर कब्जा करने का प्रयास किया तो आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
मुख्य बातें
तीस सालो से जीतपुर की चारागाह की जमीन पर था कब्जा