बहसूमा। कस्बे में नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए 17 प्रत्याशीभाग्य आजमा रहे हैं। अध्यक्ष एवं सभासद पद के प्रत्याशी मतदाताओं को रिझाने के लिए दिन-रात एक किए हुए हैं।
नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए 17 दावेदार चुनाव मैदान में हैं। वहीं, सभासद पद के लिए 53 दावेदार भाग्य अजमा रहे हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सामान्य सीट होने के चलते इस बार बसपा, भाजपा और सपा ने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे हैं। इनके अतिरिक्त बसपा और भाजपा से सिंबल नहीं मिलने से नाराज दावेदारों ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव में उतर कर सभी दलों का गणित बिगाड़ दिया है। कस्बे में अभी तक हुए पांच योजनाओं के चुनाव में अध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी ने ही विजय हासिल की है। अध्यक्ष पद के सभी दावेदार मतदाताओं के बीच पहुंच रहे हैं। आज का वोटर इतना जागरूक हो गया है कि सभी प्रत्याशियों को आश्वसन दे रहा है। जिस कारण सभी प्रत्याशी जीत की ताल ठोक रहे हैं। चुनाव में मात्र 13 दिन शेष रह गए हैं। राजनीति के महारथी अभी चुनाव का रुख भाप रहे हैं। सभी दावेदार मतदाताओं से सीधा संपर्क करने में लगे हैं।
बुजुर्गों और नौकरी पेशा को भी मुचलका पाबंद किया
बहसूमा।
नगर पंचायत चुनाव के मद्देनजर पुलिस द्वारा मुचलका पाबंद की कार्रवाई की गई है। पुलिस असलियत जाने बगैर बुजुर्गों, युवक और सरकारी नौकरी करने वालों के खिलाफ उक्त कार्रवाई कर दी है। अब पुलिस को निरुद्ध लोगों की तलाश में भारी मशक्कत करनी पड़ी। जिससे पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
कस्बे की नगर पंचायत का चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए पुलिस द्वारा मुचलका पाबंद की कार्रवाई की गई है। पुलिस ने कस्बे के नागरिकों की जमीनी हकीकत जाने बगैर बुजुर्गों और युवकों को पाबंद कर दिया है। इस कार्रवाई से नोटिस तामिल कराने वाले पुलिसकर्मी भी दंग हैं। कस्बा निवासी साठ वर्षीय हरिमोहन पुत्र रतनलाल को नोटिस में 32 वर्षीय दर्शाया गया है। इसके अतिरिक्त इन्हीं के भाई को भी निरुद्ध किया गया है। करीब 25 वर्ष पूर्व कस्बा छोड़ चुके लोगों को भी मुचलका पाबंद कर दिया है। राकेश पुत्र जगन्नाथ लगभग 25 वर्ष पूर्व गाजियाबाद, अमित पुत्र मदनलाल दिल्ली में बस गए हैं। इनके अतिरिक्त कई ऐसे नाम हैं जिन्हें कस्बे से गए हुए काफी समय हो गया है। सूत्रों के अनुसार लगभग 25 वर्ष हुए नगर पंचायत चुनाव में उक्त लोगों के खिलाफ मुचलका पाबंद की कार्रवाई की गई थी। कस्बा निवासी धीरज पुत्र मामंचद आईटीबीपी में तैनात है। इनके अतिरिक्त अंकित पुत्र किरणपाल यूपी पुलिस में तैनात है। कस्बे का हरेंद्र सिंह भी नोएडा में तैनात है। इन सभी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। वहीं, इस संबंध में एसओ अजय चौधरी का कहना है कि कस्बा इंचार्ज द्वारा कुछ त्रुटियां कर दी गई हैं। इन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है।