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कैसे बनेगा बच्चों का भविष्य उज्जवल जब उनसे शिक्षा की बजाय बर्तन साफ कराने का कार्य लिया जाता है।

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मवाना।
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सरकारी स्कूल में पढ़ाई कराने के बजाय बच्चों से बर्तन साफ कराए जाते हैं। वहीं, स्कूल समय में शिक्षिका की बजाय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों को पढ़ाती है।
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प्रीतनगर में प्राइमरी पाठशाला नंबर तीन स्थित है। इसी भवन में प्राइमरी पाठशाला नंबर चार के बच्चे भी पढ़ते हैं। मध्यावकाश के बाद बच्चों से स्कूल में मिड-डे मील के बर्तन साफ कराए जाते हैं। वहीं, स्कूल में शिक्षिका की बजाय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों को पढ़ाती है। इस संबंध में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आराधना ने बताया कि शिक्षिका आयशा परवीन बैंक गई हैं। इसलिए वह बच्चों को पढ़ा रही है। वहीं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बच्चों की संख्या एवं बर्तन आदि साफ कराने की बाबत कुछ भी जानकारी होने से इनकार कर दिया। वहीं, स्कूल शिक्षिका आयशा परवीन ने बताया कि वे स्कूल के काम से ही बैंक गई थीं। उनके स्कूल में दोपहर का भोजन एनजीओ से आता है। हो सकता है जो बच्चे बर्तन साफ कर रहे थे वे स्कूल नंबर चार के हों।
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वहीं, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी ध्यानचंद का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा तो इसकी जांच कराई जाएगी। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
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