राष्ट्रीय राज्यमार्ग 235 के निर्माण में मिट्टी के लिए निर्माण कंपनी गांव फफूंडा के कुछ किसानों की जमीन ली थी। लेकिन एक साल बाद भी कंपनी ने न तो मिट्टी उठाई और न ही पैसा दिया। मामले में रविवार को भारतीय यूनियन के नेतृत्व में किसानों ने कंपनी के अधिकारियों का घेराव किया। एक सप्ताह में मामले के निस्तारण की चेतावनी दी।
मेरठ से बुलंदशहर तक राष्ट्रीय राज्यमार्ग संख्या 235 का निर्माण हो रहा है। राज्यमार्ग का निर्माण एपको कंपनी कर रही है। कंपनी ने राष्ट्रीय राज्यमार्ग निर्माण में मिट्टी डालने के लिए गांव फफूंडा के किसान नीरज खारी व संतरपाल सहित कई किसानों की जमीन की छह फिट मिट्टी प्रति बीघा 60 हजार रुपये के हिसाब से खरीद ली थी। मिट्टी उठाने व बकाया देने के लियेे एग्रीमेंट के अनुसार एक वर्ष की समय सीमा तय की गयी। लेकिन एक वर्ष बाद भी न तो खेत की मिट्टी उठाकर उसे समतल किया गया और न ही उसका पैसा दिया गया। रविवार को भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष पवन त्यागी के नेतृत्व में दर्जनों किसान कपंनी पहुंचे और बिलिंग व्यवस्था देख रहे पवन कौशिक का घेराव किया। किसानों ने बताया कि एक सप्ताह में कृषि की जमीन समतल और मिट्टी का पैसा मिल जाना चाहिए, नहीं तो कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कराया जायेगा।
मामले में कंपनी के डिप्टी मैनेजर बिलिंग पवन कौशिक ने बताया कि किसी भी किसान की जमीन ली जाती है तो उसका एग्रीमेंट किया जाता है। रविवार होने के कारण काम नहीं हो सका है। सोमवार को एग्रीमेंट की फाइल देखने के बाद मामले का निस्तारण किया जाएगा।