श्रीकृष्ण मंदिर में रविवार से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ प्रारंभ हुआ। इसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने शामिल होकर कथा का लाभ लिया।
कथा का शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक दिनेश खटीक ने फीता काटकर एवं मंदिर में भगवंतों की पूजा-अर्चना करके किया। श्रीमद्भागवत महापुराण की श्री 1008 स्वामी अकामानंद गिरी महाराज ने प्रथम दिवस पर श्रीमद् भागवत श्रवण करने के महत्व का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि कथा को श्रवण करने से दो प्रकार का लाभ होता है जिसमें एक सोया हुआ ज्ञान और बैराग जाग जाता है। भक्ति, ज्ञान, वैराग्य तीनों के जागरण से ईश्वर का साक्षात्कार एवं दर्शन प्राप्त हो जाता है। दूसरा लाभ आत्मज्ञान की प्राप्ति होना है। मनुष्य बाधाओं और चिंतनों से मुक्त हो जाता है। इसलिए यह सबसे श्रेष्ठ कर्म है। श्रद्धा एवं विश्वासपूर्वक महापुराण कथा श्रवण कर कलयुग के विकारों से मुक्त होकर मोक्ष की प्राप्ति होगी। भक्त कथा का रसपान कर जीवन को आनंददायक बनाएं। कार्यक्रम में अनिल त्यागी, समीर चौहान, गौरव गुर्जर, आजाद बंसल, बालमुकंद बत्रा, नीरज सागर, विजय सिंह चौहान समेत सैकड़ों भक्त शामिल रहे।
अभिमान पतन का कारण : मुनिश्री
हस्तिनापुर।
श्री दिगम्बर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर के मल्लिनाथ भगवान के समवशरण में दशलक्षण महापर्व के द्वितीय दिवस पर रविवार को मुख्य वेदी में विराजमान त्रय तीर्थंकरों का जलाभिषेक किया गया।
विधान की मांगलिक क्रियाएं पं. आशीष जैन शास्त्री द्वारा प्रारंभ की गई। शांतिधारा करने का सौभाग्य प्रेमचंद जैन, कांता, राजीव, प्रदीप एवं संदीप जैन को प्राप्त हुआ। शांतिधारा में सहयोग मोतीलाल जैन तिजारा ने किया। तीनलोक महामंडल विधान के मध्य मुनिश्री 108 विज्ञान सागर जी महाराज ने उत्तम मार्दव धर्म पर मंगलमय प्रवचन देते हुए कहा कि मान, घमंड, अभिमान को छोड़ो। यह नीच गति में ले जाने वाला है। मान को महान विष की संज्ञा दी गई है। जिस प्रकार से विष व्यक्ति का सर्वनाश कर देता है उसी प्रकार से घमंड करने वाले का भी सर्वनाश हो जाता है। चाहे हम कितने ही धनवान, ज्ञानवान, बलवान हो परंतु इसका घमंड न करें। अभिमान पतन का कारण है यह इंसान की सुख एवं शांति भंग कर देता है। रावण, कौरव, कंस बहुत शक्तिशाली, और बुद्धिमान थे। किन्तु इनके पतन का कारण इनका अहम रहा है। भक्तजनों जीवन में कभी घमंड नहीं करना चाहिए। उन्हें हमेशा विनयशील बने रहना है। क्योंकि विनयवान को ही विद्या आती है और ऐसे भक्तजनों को जीवन में यश, कीर्ति, पद, प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है। इसलिए हे! भक्तों उत्तम मार्दव धर्म स्वीकार कर आत्म कल्याण करें। तीन लोक महामंडल विधान में आज नित्य-नियम पूजन के साथ विधान की समुच्य पूजन एवं सुदर्शन मेरू स्थित 78 अकृत्रिम चैत्यालय की पूजन कर पुण्य का संचय किया। विधान में उपस्थित भक्तों ने पूर्ण भक्ति के साथ भगवान मल्लिनाथ का गुणगान करते हुए वातावरण को गुंजायमान कर दिया। आज के कार्यक्रम में कोटा राजस्थान से पधारी सुधा गंगवाल ने विधान किया। संध्याकालीन बेला में क्षेत्र पर विराजमान भरतेश्वरी माता जी ने उत्तम मार्दव धर्म पर प्रवचन किया। सभी श्रद्धालुओं ने संगीतमय आरती की। तत्पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिसमें उत्तर प्रांतीय गुरुकुल के सभी बच्चोें ने भाग लिया। कार्यक्रम के पुरस्कार आरडी जैन, सुशीला जैन देवलोक कालोनी, मेरठ के द्वारा प्रदत्त किये गये। कार्यक्रम को सफल बनाने में मुकेश जैन महाप्रबन्धक, अशोक जैन, अतुल जैन, उमेश जैन, कमल जैन, मणीचन्द जैन और सौरभ जैन ने सहयोग किया।
जांच में राशन सही पाया
हस्तिनापुर। पुलिस ने शनिवार देर शाम मवाना ब्लॉक प्रमुख की सूचना पर अलीपुर मोरना चौराहे पर सरकारी राशन से लदी दो गाड़ियां कब्जे में ले लीं थीं। जिसमें जांच के बाद एक गाड़ी सही पाए जाने पर उसे छोड़ दिया जबकि दूसरी गाड़ी का चालक ब्रह्मपाल फरार हो गया था। उपजिलाधिकारी इस मामले की जांच करने के लिए मौके पर पहुंचे। आपूर्ति निरीक्षक अरविंद कुमार ने प्रथमदृष्टया जांच में एक गाड़ी को सही पाया था। दूसरी गाड़ी के चालक के फरार होने से काफी समय बीत गया था। कई घंटे बाद गाड़ी चालक अकबरपुर गढ़ी निवासी ब्रह्मपाल थाने पर पंहुचा। उसने बताया कि कुछ लोगों ने उसकी गाड़ी रोक ली थी। उसका मोबाइल भी छीन लिया था। इसके बाद वह वहां से जान बचाने के लिए भाग गया था। सप्लाई इंस्पेक्टर अरविंद कुमार ने बताया कि जांच में दूसरी गाड़ी में अकबरपुर गढ़ी की डीलर अनीता देवी का राशन पाया। यह पूरी तरह सही था। जांच के बाद उन्हें राशन दे दिया।
पौधरोपण सामाजिक दायित्व
हस्तिनापुर। ओम नमो नारायणी सेवा संस्थान ट्रस्ट के सदस्यों ने रविवार को नगर में जलकल परिसर के समीप पौधरोपण किया। इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष निरंकार सिंह ने कहा कि समाज में हम सभी को अपना दायित्व समझकर पौधरोपण करना चाहिए। वृक्ष हमारी जीवनोपयोगी आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं। ये औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। यहां आम, कनहेर, नीम, जामुन, बकैन, पत्थर चट्टा, बेर, नीम, जलनीम आदि पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर अंकुर पंवार, शुभम सिंह, मिंटू चौधरी, नकुल , सोहनलाल, मदनलाल, नैन सिंह, राजेश छाबड़ा, नारायण, नकली सिंह, पुष्पा, रघुवीर सिंह, आदि उपस्थित रहे।