मोदीपुरम। कृषि विवि में बुधवार को आयोजित कार्यशाला में 18 जिलों से चुने गए प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया। वल्लभ कृषि प्रसार सलाहकार विशिष्ट समूह ने किसानों का ज्ञान बढ़ाया।
कुलपति डॉ. गया प्रसाद ने कहा कि किसान देश का अन्नदाता होते हुए भी परेशान है। उसे फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। कार्यकारी निदेशक राजन सुंदरेसन ने बासमती धान में कीटनाशकों के अवशेषों की मात्रा को कम करने पर जोर दिया, जिससे निर्यात योग्य बासमती अपने मानकों पर खरा उतर सके। प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रितेश ने किसानों को एपीडा द्वारा गुणवत्ता के लिए बासमती धान की तकनीक पर विस्तृत जानकारी दी। निदेशक शोध डॉ. अशोक कुमार ने गिरते मृदा स्वास्थ्य पर विस्तृत चर्चा की। कार्यशाला में एके गुप्ता, सुनील कुमार, संयुक्त कृषि निदेशक डॉ. एसके सचान, प्रो शमशेर, डॉ. कमल खिलाड़ी, डॉ. हरिओम कटियार, डॉ. संजय, डॉ. पीके सिंह, डॉ. एसके लोधी मौजूद रहे।