अंजान पक्ष बीडीसी सदस्य के पुत्र और पत्नी के साथ थाने पहुंचा
बीडीसी धर्मेंद्र की पत्नी ने बेटे के अपहरण से किया इनकार
अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा।
ब्लॉक की राजनीति आजकल चरम पर है। जहां ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास लेकर आए पक्ष ने ओमपाल पर बीडीसी सदस्य के अपहरण का आरोप लगाया था। वहीं, बीडीसी सदस्य ने एसएसपी आफिस में अविश्वास लेकर आए प्रत्याशी पर बेटे का अपहरण का आरोप लगाया। इसके जवाब में अविश्वास लेकर आया प्रत्याशी रविवार को बीडीसी सदस्य की पत्नी और बेटे को लेकर थाने पहुंच गया।
खरखौदा ब्लॉक प्रमुख पद के लिए 2015 में चुनाव हुआ था। जिसमें गांव लालपुर से सपा नेता ओमपाल गुर्जर की पत्नी मंजू गुर्जर एवं दूसरे पक्ष गांव पीलपीखेड़ा से शमशुद्दीन की पत्नी अंजाना मैदान में थी। उस चुनाव में भी गांव पीलपीखेड़ा निवासी बीडीसी सदस्य धर्मेंद्र को लेकर विवाद हुआ था। अंजाना पक्ष ने धर्मेंद्र से वोट नहीं देने पर मारपीट की थी। हालांकि धर्मेंद्र ने वोट मंजू गुर्जर के पक्ष में ही दी थी। जिसमें मंजू गुर्जर ने विजय प्राप्त की थी। अब अंजाना पक्ष डीएम के समक्ष 61 बीडीसी सदस्यों में से 34 के शपथ पत्र लगवाकर अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में लगा हुआ था। जानकारी के अनुसार अंजाना पक्ष ने जिन 34 सदस्यों से शपथ पत्र दिए उनमें धर्मेंद्र भी भी शामिल किया हुआ है। शनिवार को धर्मेंद्र ओमपाल गुर्जर के साथ एसएसपी आफिस पहुंचा था। उसने बताया था कि अंजाना पक्ष फर्जी शपथ पत्र बनवाकर ओमपाल के खिलाफ उसके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी में है। वहीं, धर्मेंद्र ने एसएसपी के समक्ष अंजाना पक्ष पर अपने बेटे वासू के अपहरण का आरोप लगाया। जिसमें एसपी देहात ने खरखौदा पुलिस को इस मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई के आदेश दिये थे। उधर, रविवार को अंजाना का पति शमशुद्दीन धर्मेंद्र की पत्नी एवं बेटे वासू को लेकर थाना पहुंच गया। वहां, धर्मेंद्र की पत्नी ने अपने बेटे वासू के अपहरण का मामला झूठा बताया है।
एक-एक वोट को लेकर जोड़तोड़
दोनों पक्षों के पास लगभग बराबर वोट हैं। इसलिए एक-एक वोट को लेकर दोनों पक्ष एक-एक बीडीसी सदस्य पर नजर टिकाए हैं।