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आम आदमी की पहुंच से दूर आम

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फसल में बीमारी के चलते उत्पादन में आई कमी
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अमर उजाला ब्यूरो
किठौर।
मानसून आने के बाद से आम के दामों में लगातार वृद्धि होने के चलते फलों का राजा अब आम आदमी की पहुंच से दूर होता जा रहा है। यह पिछले वर्ष की तुलना में आम ढाई गुने दामों में बिक रहा है। इसके चलते सामान्य वर्ग आम का आनंद नहीं उठा पा रहा है। वहीं, बागवानों का मानना है कि बीमारी के चलते आम की पैदावार कम रही।
राजस्थान में दशहरी और बिहार में लंगड़ा पहली पसंद
राजस्थान के व्यापारी राजेश सैनी ने बताया कि उनके यहां दशहरी आम की खासी मांग रहती है। यह लोगों की पहली पसंद है। वहीं, बिहार निवासी व्यापारी गोपाल जमनादास ने बताया कि उनके यहां लोगों को लंगड़ा आम भाता है। इसलिए वे लंगड़ा आम की खरीदारी करने आते हैं।
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बीमारी से फसल बनी कमजोर
बागवान सलीम, खुर्शेद, बंटी और बबलू ने बताया कि आम की फसल थ्रीप्स, चेपा आदि बीमारी के चलते कमजोर रही। वहीं, सूंडी नामक बीमारी ने भी कसर नहीं छोड़ी है।
नहीं मिलता नुकसान का मुआवजा
बागवान मसीउल्ला खां ने बताया कि अन्य फसलों के नुकसान का सरकार मुआवजा देती है। आम की फसल में अधिक लागत आती है। आपदा से नुकसान होता है। सरकार इसका मुआवजा नहीं देती है। यही हालात रहे तो बागवानों को कारोबार बदलने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
नाशपाती भी बाजार में
व्यापारी पवन, मनोज, कृष्ण आदि ने बताया कि नाशपाती बाजार में आ गई है। बागवानों का मानना है कि नाशपाती की आवक कम होने से अभी दाम अधिक हैं।
उम्मीद से कम दाम में बिक रहा चौसा
बागवान तौसीफ, इनाम, सुरेश और नेपाल ने बताया कि चौसा इस बार दूसरे आम के बराबर दाम में बिक रहा है। यह उम्मीद से विपरीत है।
आम खरीदने अन्य प्रदेशों से आते हैं व्यापारी
शाहजहांपुर मंडी में आम खरीदने व्यापारी भरतपुर, कामां, भुसावर, दौसा, बयाना, इंडोन, नालंदा, मुंबई, अहमदाबाद आदि से आते हैं।
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