सहारनपुर। ग्राम बड़ी माहेश्वरी में सिंचाई के पानी के विवाद में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। अदालत ने दोनों पक्षों के 15 दोषियों को सजा सुनाई है। साक्ष्यों गवाहों के आधार पर एक पक्ष के सात लोगों तीन-तीन वर्ष और दूसरे पक्ष आठ लोगों को पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
थाना चिलकाना क्षेत्र के गांव बड़ी माहेश्वरी में सुलेमान और सत्तार के खेत आसपास स्थित हैं। सुलेमान के खेत में रजबाहे से आने वाले पानी के दिन तय थे, जिसे सत्तार पक्ष ने रोक दिया था, जिसको लेकर 17 नंवबर 2012 को दोनों पक्षों में विवाद हो गया था। दोनों पक्षों की ओर से लाठी, डंडो, पलकटी सरियों से वार किए गए थे। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ थाना चिलकाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सुलेमान पक्ष के रियासत उर्फ भूर, अब्दुल, खुशरन, सुलेमान, उस्मान, अहकाम, जहांगीर, जमशेद, सादिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। दूसरे पक्ष के सत्तार, सईद, नाहिद, राजिक, वाहिद, इकरार, वहाब, अब्दुल हाजी खिलाफ रिपोर्ट की गई थी। जांच के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 14 आराधना कुशवाहा की अदालत में हुई।
साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सत्तार पक्ष के सईद, नाहिद, राजिक, वाहिद, इकका, वहाब ,अब्दुल हाजी को तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। मामला अदालत में चल रहा था, लेकिन सत्तार मृत्यु हो गई थी, जिसका मामला अदालत ने समाप्त कर दिया। सुलेमान पक्ष के रियासत उर्फ भूरा, वाहिद, खुशरन, उस्मान, अहकाम, जहांगीर, जमशेद, सादिक को पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।