दुष्कर्म मामले में मदनी को हाईकोर्ट से मिली जमानत
देवबंद (सहारनपुर)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बलात्कार के आरोप में जेल में बंद मौलाना मसूद मदनी को जमानत दे दी है। मदनी पर महिला से दुराचार का आरोप लगा है। मंगलवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस अरविंद कुमार त्रिपाठी ने फैसला सुनाया है।
मौलाना मसूद मदनी कांग्रेस के समय में उत्तराखंड सरकार में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री थे। मौलाना का कहना था कि हनी ट्रैप में उन्हें झूठा फंसाया गया है। राज्य सरकार की तरफ से बताया गया कि मोनिका ने फर्जी नाम से पैसे ऐंठने के लिए जाल बिछाया था। हरक सिंह रावत को फंसाने में भी इसी गैंग का हाथ था। दिल्ली क्राइम ब्रांच ने भी हनी ट्रैप में फंसा पैसे ऐंठने के गिरोह का खुलासा किया है। यही गिरोह लोगों को फंसाकर रुपये ऐंठता है।
विवेचना अधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि मोनिका अपने पति के साथ मदनी के पास मजार पर गई थी। उसने कहा कि उसे औलाद नहीं है। जिस पर मदनी ने झाड़फूंक की जिसके बाद उन पर दुराचार का आरोप लगा। इस आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान खुलासा हुआ कि महिला का मोनिका असली नाम नहीं है। जिसे वह पति बता रही, वह उसका पति नहीं है। जिसको अपना पिता बताया वह असली पिता नहीं है। गैंग लीडर नेत्रपाल है जो जाल बिछाता है और लोगों को फंसाकर रुपये ऐंठता है। इस मामले में मदनी की तरफ से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। जिस पर कोर्ट ने उनकी जमानत मंजूर कर रिहा करने का आदेश दिया। मदनी की ओर से कलीम कुरैशी समेत दो अधिवक्ताओं ने पैरवी की थी।