मेरठ। रिजल्ट न आने के कारण ग्रेजुएशन फाइनल ईयर के छात्रों के बीएड एडमिशन पर संकट है। सीसीएसयू के बीए फाइनल ईयर के ऐसे छात्र जिन्होंने एंट्रेंस दिया था और वह काउंसिलिंग से पहले ही दाखिले की दौड़ से बाहर होते दिख रहे हैं। एंट्रेंस आयोजक लखनऊ विश्वविद्यालय का नियम तो यही कहता है। नियम मुताबिक पांच जून तक ग्रेजुएशन का रिजल्ट पूरा होना चाहिए था, जबकि बीए फाइनल ईयर का रिजल्ट अभी तक नहीं आया है।
यह मामला सिर्फ सीसीएसयू तक सीमित नहीं है। दूसरे विश्वविद्यालयों के छात्र भी इसके दायरे में आ रहे हैं। कोर्ट के आदेश पर लखनऊ विश्वविद्यालय ने सत्र 2017-19 के लिए हो रही संयुक्त प्रवेश परीक्षा में ग्रेजुएशन फाइनल ईयर के छात्र-छात्राओं को बैठने का मौका दिया था। शर्त थी कि काउंसिलिंग शुरू होने से एक दिन पहले रिजल्ट कंपलीट होना चाहिए। प्रदेश भर में छह जून से काउंसिलिंग शुरू हो रही है। सीसीएसयू का बीए फाइनल ईयर रेग्युलर और प्राइवेट छात्र-छात्राओं का रिजल्ट अभी नहीं आया है। मूल्यांकन चल रहा है। रिजल्ट आने में कम से कम एक सप्ताह और लगेगा। नियम मुताबिक वह एडमिशन की दौड़ से बाहर हो गए हैं। बीए के काफी छात्रों ने एंट्रेंस दिया था। फाइनल ईयर के छात्रों के एंट्रेंस में शामिल होने की वजह से इस बार अभ्यर्थियों के संख्या बढ़ गई थी। मेरठ में बीएड काउंसिलिंग समन्वयक डॉ. संजय त्यागी का कहना है यह नियम पहले से तय था। अभी तक इसमें कोई बदलाव नहीं है। अभ्यर्थी काउंसिलिंग पत्र और शपथ पत्र वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। मेरठ में काउंसिलिंग के लिए तीन सेंटर विद्या नॉलेज पार्क, एमआईईटी और आईआईएमटी विश्वविद्यालय बनाए गए हैं। छह जून से 28 जून तक काउंसिलिंग चलेगी। आखिरी दिन 330001 रैंक से 350000 रैंक तक की काउंसिलिंग होगी।
मुख्य बातें
फाइनल ईयर के छात्रों का नहीं आया रिजल्ट, पांच जून तक कंपलीट होना चाहिए था रिजल्ट
हजारों छात्र को एंट्रेंस देने का फायदा नहीं, छह से 28 जून तक चलेगी काउंसिलिंग
काउंसिलिंग का शेड्यूल
दिनांक रैंक
6 जून 1 से 6500 तक
7 जून 6501 से 16000
8 जून 16001 से 31000
9 जून 31001 से 46000
10 जून 46001 से 61000
11 जून 61001 से 76000
12 जून 76001 से 95000