प्रदेश में 866 विद्यालयों के अंक लंबित
प्रदेश के 52 जिलों में कुल 866 विद्यालय ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक आंतरिक अंक अपलोड नहीं किए हैं। इसके कारण अंक अपलोड न होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या 97 हजार 603 तक पहुंच गई है।
हालांकि मेरठ जिले का कोई भी विद्यालय इस सूची में शामिल नहीं है और यहां सभी विद्यालयों ने अपने अंक अपलोड कर दिए हैं।
मूल्यांकन कार्य अंतिम चरण में
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च तक चली थीं। इसके बाद 18 मार्च से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू किया गया था। मूल्यांकन कार्य की अंतिम तिथि एक अप्रैल निर्धारित की गई है।विद्यालयों को अंक अपलोड करने के लिए 25 मार्च तक का समय दिया गया था, लेकिन कई विद्यालयों ने तय समय सीमा के भीतर अंक अपलोड नहीं किए।
छह अप्रैल तक अंतिम मौका
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने विद्यालयों को अंक अपलोड करने के लिए अंतिम अवसर देते हुए छह अप्रैल तक का समय दिया है।
क्षेत्रीय बोर्ड कार्यालय के सचिव ज्योति प्रसाद ने स्पष्ट कहा कि परिषद की ओर से यह अंतिम अवसर है। इसके बाद अंक अपलोड करने का मौका नहीं मिलेगा। यदि किसी विद्यालय की ओर से अंक अपलोड नहीं किए जाते हैं तो उसके लिए संबंधित प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक जिम्मेदार होंगे।