नौ नसबंदी फेल, मौत का भी नहीं मिला मुआवजा
स्वास्थ्य विभाग की फैमिली प्लानिंग इंडेमनिटी स्कीम का बुरा हाल
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। पिछले करीब दो साल में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराई गई नौ नसबंदी फेल हुई हैं, जबकि तीन लोगों की मौत हुई है। इनमें से अभी तक किसी को भी फैमिली प्लानिंग इंडेमनिटी स्कीम के तहत मुआवजा भी नहीं मिला है। हालांकि अधिकारी बजट जारी होने और जल्द मुआवजे की रकम लाभार्थियों के खाते में पहुंचाने का दावा कर रहे हैं।
फैमिली प्लानिंग इंडेमनिटी योजना के अंतर्गत सात दिनों के भीतर मौत होने पर मृतक के परिजनों को दो लाख का मुआवजा दिया जाता है। ऑपरेशन के आठ से 30 दिनों के भीतर मौत होने पर परिजनों को 50 हजार का मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। वहीं, अगर नसबंदी का ऑपरेशन फेल होता है तो ऐसे में 30 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाता है। अगर ऑपरेशन के 60 दिन के भीतर कोई शारीरिक समस्या आती है तो इसके लिए 25 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। इस राशि को पाने के लिए तय समय सीमा में सभी कागजात और जानकारियां शहरी क्षेत्र में सिविल सर्जन और ग्रामीण क्षेत्र में ब्लॉक स्तर पर बीएमओ को देनी होती है। प्रस्तुत की गई जानकारियों की जांच के बाद राशि का भुगतान किया जाता है।
जल्द आएगा खाते में पैसा
एक मामला जनवरी में आया था, जिसकी जांच चल रही है। एक अन्य मामला बुधवार को ही आया है। बाकी के 10 मामलों में पैसा जारी हो चुका है। जो जल्द ही लाभार्थियों के बैंक खाते में आ जाएगा। लोगों को जागरूक करने के लिए इस योजना का प्रचार-प्रसार भी कराया जा रहा है। -डॉ. राजकुमार, सीएमओ, मेरठ
महिलाएं पुरुषों से आगे
मेरठ में हर साल करीब तीन हजार नसबंदी के केस होते हैं। इनमें करीब 90 प्रतिशत संख्या महिलाओं की है तो 10 प्रतिशत पुरुषों की। पिछले दिनों पुरुष नसबंदी में प्रदेश में द्वितीय स्थान पर पाने पर स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय अधिकारियों को सम्मानित भी किया गया था।