- श्री 108 श्री सौरभ सागर जी महाराज ने वर्तमान शिक्षा प्रणाली में बताई सुधार की जरूरत
सरधना।
मोहल्ला आदर्श नगर स्थित श्री चंद्र प्रभु दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में चल रही धर्म सभा में शुक्रवार को 108 श्री सौरभ सागर जी महाराज ने मंगल प्रवचन दिये। जहां एक तरफ उन्होंने धर्म के बारे में बताया तो वहीं पुरानी व नई शिक्षा पद्घति के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि पुरानी शिक्षा पद्घति में करियर और करेक्टर दोनों पर ध्यान दिया जाता था, लेकिन वर्तमान में क रियर पर ही ध्यान दिया जाता है। जब तक नई शिक्षा पद्घति में दोनो का समावेश नहीं होगा, तब तक पढ़ लिखकर भी युवा पीढ़ी यूं ही रास्ते से भटकती रहेगी।
सौरभ सागर महाराज ने कहा कि पुराने समय में गुरुकुल में बच्चों को शिक्षा दी जाती थी। जिसमें छात्र के करियर के साथ उसके चरित्र पर भी विशेष ध्यान दिया जाता था। उस समय की पुस्तकों में शिक्षा के साथ संस्कारों का भी समावेश होता था। लेकिन वर्तमान शिक्षा प्रणाली में केवल बच्चे के करियर पर ध्यान दिया जाता हैं। मनुष्य अच्छे पैसे खर्च करके अच्छी शिक्षा तो दिला सकता है, लेकिन अच्छे संस्कार नहीं दिला सकता। अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी संस्कार के अभाव में रास्ते से भटक रहा हैं।
इस मौके पर कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप जैन ने बताया कि शनिवार को आचार्य विमल सागर महाराज की 24वीं पुण्य तिथि पर महाराज द्वारा विशेष प्रवचन दिए जाएंगे। इस मौक पर धनपाल जैनी, अनिल जैन, राजकुमार जैन, बोबी जैन, राजीव जैन, योगेश जैन, मुकेश जैन, डा. अमरीश जैन, जनेश्वर जैन, विनोद जैन, ऋषभ जैन सौरभ जैन आदि मौजूद रहे।